शहर में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गठित 52 टीमों ने क्लीन एयर कैंपेन के तहत लाखों रुपये का जुर्माना किया। यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर में रविवार को की गई। हालांकि, पराली जलाने सहित अन्य स्थानीय कारणों की वजह से हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंचने की आशंका है।
1-10 नवंबर तक चलाए जा रहे क्लीन एयर कैंपेन के तहत रविवार को टीम ने प्रदूषण से संबंधित मिलीं 368 शिकायतों पर फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली में कार्रवाई की। इस दौरान आरोपियों पर 83.55 लाख रुपये का जुर्माना किया गया। वहीं, निर्माण कार्य से संबंधित 119 शिकायतें मिलीं। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम, वाहनों से प्रदूषण, कचरा जलाने, औद्योगिक इकाईयों से प्रदूषण, धूलकण, लैंडफिल साइट पर आग से प्रदूषण की शिकायतें भी मिलीं हैं।
सोशल मीडिया हो रही कारगर साबित
बोर्ड को सोशल मीडिया और ई मेल के जरिए 52 शिकायतें मिलीं। जबकि समर ऐप पर 316 शिकायतें मिलीं। इन पर 43 टीमों ने दिल्ली में जबकि शेष टीमों ने एनसीआर में कार्रवाई की।
पिछले दो दिनों में मिलीं 1041 शिकायतें
सीपीसीबी, एमसीडी, डीपीसीसी, पर्यावररण मंत्रालय सहित अन्य विभागों की 52 टीमों को दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को 465 शिकायतों मिलीं। इनपर कार्रवाई के दौरान 41.82 लाख का जुर्माना किया गया। इस दौरान अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने संबंधी सर्वाधिक शिकायतें मिली है। वहीं, बीते शुक्रवार को 576 शिकायतें मिलीं और 38.68 लाख का जुर्माना किया गया।
चलाई जा रही वाहनों की सघन तलाशी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने 10 नवंबर तक कबाड़ वाहनों के खिलाफ अभियान चलाएगी। हालांकि प्रशासन ने ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को इस दौरान जाम नहीं लगने देने की हिदायत दे रखी है। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 231 रिकॉर्ड किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शुक्रवार को सूचकांक 370 जबकि शनिवार को 336 के स्तर पर रहा। रविवार को राजधानी में पीएम (2.5) 106 जबकि पीएम (10) 198 रिकॉर्ड किया गया।
निर्माण और खुदाई पर प्रतिबंध, हॉट मिक्स प्लांट बंद
वायु गुणवत्ता के बिगड़ते स्तर को देखते हुए संबंधित प्राधिकरणों को निर्माण कार्य रोकने सहित ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार के लिए कदम उठाए गए। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सभी निर्माण और खुदाई पर प्रतिबंध के साथ साथ स्टोन क्रेशर और हॉट मिक्स प्लांट बंद करा दिए गए हैं।