दिल्ली में सरकारी स्कूलों से बंक मारना तो महंगा पड़ता ही था अब बच्चों की उपस्थिति समय से नहीं भेजना भी स्कूल प्रिंसिपल के लिए मुसीबत बन सकता है।
स्कूल प्रमुख यदि बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति समय से नहीं भेजते हैं तो स्कूल डिफॉल्टर घोषित होने के साथ ही प्रिंसिपल से लिखित जवाब मांगा जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने ऐसे ही 284 स्कूलों को डिफॉल्टर घोषित किया है।
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साथ ही अन्य स्कूलों को भी आदेश जारी किया गया है कि वे समय से ऑनलाइन उपस्थिति भेजते रहें। सरकारी स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति निदेशालय की वेबसाइट पर हर रोज अपलोड करने की व्यवस्था है। स्कूल खुलने के दो घंटे के भीतर उपस्थिति वेबसाइट पर अपलोड करनी होती है।
शिक्षा निदेशालय ने पाया कि 16 जनवरी को दिल्ली के 284 सरकारी स्कूलों ने उपस्थिति दर्ज कराने में कोताही बरती। जिसमें पूर्वी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, नार्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट और बाहरी दिल्ली, पश्चिमी एवं दक्षिणी दिल्ली के स्कूल शामिल हैं।
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इन स्कूलों के प्रिंसिपल से अब उपस्थिति दर्ज नहीं कराने के बारे में जवाब मांगा गया है। स्कूलों को अपने से संबंधित जिला उपशिक्षा निदेशकों को लिखित में जवाब देना होगा।
इस व्यवस्था के पीछे निदेशालय की सोच है कि शिक्षक और छात्र दोनों समय से स्कूल पहुंचें। दरअसल, निदेशालय प्रतिदिन के आधार पर उपस्थिति को जांचता है। इसके पीछे उद्देश्य सरकारी स्कूलों के स्तर को बेहतर बनाना भी है। इस संबंध में अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (स्कूल) सुनीता कौशिक की ओर से ऑनलाइन उपस्थिति के जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश जिला उप शिक्षा निदेशकों को दिया गया है।