ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़ी किसी भी शिकायत या काम के लिए 1 जुलाई से आपको प्राधिकरण दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि घर बैठे कंप्यूटर के जरिये प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपनी शिकायत या आवेदन कर सकेंगे। सीईओ ने 1 जुलाई से पहले सिस्टम तैयार कर लेने का निर्देश दिया है। सीईओ देबाशीष पांडा ने शुक्रवार को प्राधिकरण अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें यह निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शिकायत या आवेदन से दो फायदे होंगे। एक तो शिकायतकर्ता को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आने से राहत मिल जाएगी। इससे उसका समय बचेगा और परेशानी कम होगी। दूसरे शिकायत या आवेदन को ट्रैक करने में भी आसानी होगी। इससे काम में तेजी आएगी। हर स्तर पर इसका निरीक्षण होगा। साथ ही खुद भी इन शिकायतों पर नजर रखेंगे। इस पोर्टल को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ता आसानी से अपनी शिकायतें अपलोड कर सकेंगे। किसी को म्यूटेशन चाहिए या फिर एनओसी, इन सबके लिए भी ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। ग्रिवंस सेल हर 15 दिन पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
डिफॉल्टर की सूची होगी वेबसाइट पर
बकाया किस्त न देने वाले आवंटियों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक कड़ा फैसला लिया है। अब इन आवंटियों की सूची वेबसाइट पर अपलोड होगी। सिंगल आवंटियों के अलावा बिल्डर भी इनमें शामिल हैं।
सीईओ देबाशीष पांडा ने प्राधिकरण का बकाया जमा न करने वाले सभी आवंटियों की सूची शीघ्र ही वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। इससे एक फायदा यह भी होगा कि कौन सा बिल्डर प्राधिकरण का डिफॉल्टर है, इसकी जानकारी आवंटी को आसानी से मिल सकेगी। वह फ्लैट खरीदने से पहले आवंटी बिल्डरों की स्थिति को जान सकेंगे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आवंटियों पर करीब 7000 करोड़ रुपये बकाया है। इसे पाने के लिए तमाम कोशिश कर चुका है, लेकिन बहुत कम आवंटी भुगतान कर रहे हैं। इसके अलावा सीईओ ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट को और विस्तृत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि शहर में क्या खास है। कौन से परियोजना पूरी हो चुकी है, कौन सी चल रही है और कब तक पूरी हो जाएगी, जितनी भी परियोजनाएं शहर में चल रही हैं, इन सब का ब्योरा भी वेबसाइट पर डाला जाए।