गाजियाबाद के मोदीनगर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के लॉकरों से करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में बृहस्पतिवार को एक पीड़ित महिला की तबीयत बिगड़ गई। महिला कोमा में चली गई है। महिला कैंसर से भी पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है। उधर, पुलिस मामले में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मोदीनगर की श्रीनगर कालोनी निवासी मोहनलाल का एक समय पर एक्सपोर्ट फैब्रिक हैंड वर्क का अच्छा काम था। नगर के अधिकांश उद्योग बंद होने से उनका भी धंधा चौपट हो गया। मोहनलाल का पीएनबी की कपड़ा मिल शाखा में 124 नंबर से ज्वाइंट लॉकर है। चार दिन पूर्व चोर उनके लॉकर से भी सारा सामान समेट कर ले गए।
मोहनलाल की मानें तो उनके लॉकर में करीब 15 लाख के सोने-चांदी के जेवर और पांच लाख कैश था। उनकी पत्नी लक्ष्मी कैंसर से पीड़ित हैं। उनके इलाज पर काफी पैसा खर्च हो रहा है। साल 2006 में बेटे की मौत के बाद से उनकी पत्नी बीमार हैं।
दो दिन पहले लॉकर से चोरी की जानकारी मिलने के बाद से उनकी पत्नी कोमा में चली गई है। मोहनलाल ने बताया कि बैंक प्रबंधक उनको ढांढस बंधा रहे हैं लेकिन खुलासे में हो रही देरी से उनका हौसला जवाब दे रहा है।
वहीं, मोदीनगर के महेश पार्क निवासी सुधीर भाटिया का भी पीएनबी में ज्वाइंट लॉकर है। 1994 में कपड़ा मिल बंद हो गई तब से नोएडा की एक प्राइवेट फैक्ट्री में कार्य करके वह परिवार पाल रहे हैं। उन्होंने अपनी तीन पीढ़ियों के जेवर, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये है, लॉकर में रखे थे।
जो चोरी हो गए। उन्होंने बताया कि पत्नी इतने बड़े हादसे को सहन करने की स्थिति में नहीं है और मानसिक तनाव में हैं। स्थिति और न बिगड़ जाए यह भय परिवार के लोगों को बना हुआ है।
उनके पड़ोसी सुमन प्रकाश गोयल भी प्राइवेट नौकरी करते हैं। बच्चों की शादी के लिए करीब 20 लाख के जेवर जोड़कर लॉकर में रखे थे, जो चोरी हो गए। वह भी हादसे से इतना परेशान हैं कि नौकरी छोड़कर बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं जिन लोगों के लॉकर सुरक्षित हैं, वह ईश्वर का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। इनमें नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन रामआसरे शर्मा भी शामिल हैं।