सरकार प्याज की कालाबाजारी रोकने के लिए इस सप्ताह इसकी भंडारण सीमा तय कर सकती है। कारोबारी सरकार की ओर से तय कोटे से ज्यादा प्याज का भंडारण नहीं कर सकेंगे, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी और कीमतों पर भी लगाम लग सकेगी।
सूत्रों का कहना है कि अगर 2-3 दिन में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो यह फैसला लागू हो सकता है। अभी एकत्र किया हुआ प्याज ही बाजार में बिक रहा है, क्योंकि खरीफ की नई फसल बाजार में नवंबर तक आने की उम्मीद है। हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि पुराने प्याज का पर्याप्त भंडारण है, लेकिन इसकी आपूर्ति के लिए परिवहन की व्यवस्था नहीं है।
सरकार ने उठाए कई कदम
प्याज के दाम पर लगाम कसने के लिए सरकार अभी तक कई कदम उठा चुकी है। केंद्र के पास मौजूद 56 हजार टन प्याज के बफर स्टॉक में से 16 हजार टन जारी हो चुके हैं। इसमें से दिल्ली में ही प्रतिदिन 200 टन प्याज की आपूर्ति की जा रही है। नेफेड और एनसीसीएफ जैसी सरकारी संस्थाओं ने मदर डेयरी व अन्य सार्वजनिक आउटलेट पर 23.90 रुपये किलो प्याज बेचा। इसके अलावा घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाने के लिए निर्यात पर भी लगाम कसा है।