नोएडा की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए दो साल पहले दो प्रमुख मार्गों पर शुरू की गई वन-वे व्यवस्था आज से खत्म होने जा रही है। नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले से उद्यमी नाराज हैं, क्योंकि उद्यमियों के सुझाव पर ही इस व्यवस्था को लागू किया गया था। अब वन-वे खत्म करने से पहले उद्यमियों का सुझाव तक नहीं लिया गया।
नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि वन-वे लागू होने के बाद सेक्टर-15 से सेक्टर-11 एचसीएल को जोड़ने वाले उद्योग मार्ग और सिवानी फर्नीचर से नया बांस को जोड़ने वाले व्यापार मार्ग पर पहले के मुकाबले जाम की समस्या कम थी।
यदि वन-वे पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया तो इसके लिए सीधे तौर पर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस ही जिम्मेदार है, क्योंकि व्यापार मार्ग से न तो अतिक्रमण हटाया जा सका और न ही उद्योग मार्ग पर पड़ने वाले शोरूमों की अवैध पार्किंग को हटाया जा सका।
महासचिव वीके सेठ का कहना है कि वन-वे लागू करने के लिए उद्यमियों ने लाखों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन अब इसे खत्म करने का एकतरफा फैसला ले लिया गया है। इसका विरोध किया जाएगा। इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से सोमवार या फिर मंगलवार को उद्यमी मुलाकात करेंगे। उद्यमियों ने सवाल उठाया है कि यदि वन-वे को खत्म ही करना था तो फिर लागू क्यों किया गया।
बढ़ेगी जाम की समस्या
उद्योग व व्यापार मार्ग पर वन-वे को व्यवस्थित तरीके से लागू न करा पाने से अक्सर जाम जैसे हालात बने रहते हैं। अब जब वन-वे खत्म कर दिया जाएगा तो जाम की समस्या गहराना तय है। बेलगाम ऑटो, ई-रिक्शा, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाए बिना वन-वे सफल नहीं हो सकता।