दिल्ली के सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत की जाएगी। बृहस्पतिवार को यह घोषणा उपराज्यपाल नजीब जंग ने संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत करते हुए की।
इस मौके पर समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव सतबीर बेदी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव एससीएल दास, अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।
उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा कि बलात्कार पीड़ितों के लिए वन स्टॉप सेंटर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसी सेंटर में पीड़िता का बयान दर्ज होगा, यहीं पर मेडिकल और फॉरेंसिक जांच होगी। सेंटर में स्त्री और प्रसूति रोग विभाग की चिकित्सक, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, सामाजिक कार्यकर्ता, सर्जन, पुलिस और गैर सरकारी संस्थाओं के लोगों को शामिल किया जाएगा।
पीड़िता को मनोवैज्ञानिक परामर्श भी इसी सेंटर में दिया जाएगा। वन स्टॉप सेंटर में दो कमरे होंगे। एक कमरे में तमाम चिकित्सीय और फॉरेंसिक जांच की सुविधा होगी, जबकि दूसरे कमरे में पुलिस, मनोचिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता होंगे। उसी जगह पर पीड़िता का बयान दर्ज किया जाएगा।
पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर से घर तक पहुंचाने के लिए मुफ्त कैट्स एम्बुलेंस की भी व्यवस्था होगी। पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न हो, इसलिए कोई पुलिसकर्मी पीड़िता के साथ घर तक नहीं जाएगा।