ये एटीएम के की-पैड पर एक क्लोनिंग स्किमिंग डिवाइस लगा देते हैं। की-पैड पर ये स्किमिंग डिवाइस आसानी से नहीं दिखाई देती, जब तक उसे उसे खुरचा न जाए। इसके अलावा ये एटीएम बूथ के ऊपर छिपाकर कैमरा लगा देेते हैं, जब कोई कार्ड धारक एटीएम बूथ में जाता है और जैसे ही वह अपने कार्ड को स्वैप करता है तो उसके कार्ड का डाटा स्किमिंग डिवाइस में कॉपी हो जाता है।
ऊपर लगे कैमरे में पीड़ित का पिन कोर्ड रिकॉर्ड हो जाता है। आरोपी कैमरे को सुबह लगाते हैं और शाम को निकालकर ले जाते हैं। इसके बाद ये प्लेन कार्ड में पीड़ित के एटीएम के डाटा को स्किमिंग डिवाइस से कॉपी कर लेेते हैं। एटीएम का पीन कोड इनके पास होता है। ऐसे में ये क्लोन कार्ड से पीड़ित के खाते से आसानी से पैसे निकाल लेते थे।