दिल्ली में खुलेआम चलीं एके47 से गोलियां, पुलिसवाले को उतारा मौत के घाट
Tue, 02 May 2017 03:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सार
- सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस का एएसआई शहीद, दोस्त की भी मौत, सिपाही घायल
- मियांवली इलाके में आठ बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
- पुुलिस को आशंका, हत्या के लिए एके-47 का इस्तेमाल किया गया
- परिजनों ने दरियापुर के रहने वाले सोनू उर्फ सत्यवान पर लगाए आरोप
मियांवाली इलाके में रविवार देर बदमाशों ने बवाना के घोषित बदमाश भूपेंद्र उर्फ मोनू दरियापुर की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दीं। गोलीबारी में सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस का एक एएसआई विजय सिंह शहीद हो गए, जबकि सिपाही कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गया।
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वहीं कार में मौजूद मोनू के एक दोस्त की भी मौत हो गई। घायल सिपाही को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के दौरान बदमाशों ने करीब 50 राउंड गोलियां चलाईं। आशंका है कि बदमाशों ने हत्या करने के लिए एके-47 का इस्तेमाल किया है।
फोरेंसिक की टीम ने मौका का मुआयना किया है। मियांवाली थाना पुलिस ने हत्या, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने दरियापुर के रहने वाले बदमाश सोनू उर्फ सत्यवान पर हत्या का आरोप लगाया है।
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अंडे लेने गया था एक दोस्त
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे दरियापुरकलां निवासी भूपेंद्र उर्फ मोनू दिल्ली पुलिस के दो सुरक्षाकर्मियों एएसआई विजय सिंह, सिपाही कुलदीप और रोहिणी सेक्टर-16 निवासी दोस्त अरुण के साथ मियांवाली स्थित नेशनल मार्केट में अपनी कार में बैठा था।
इस दौरान अरुण का एक दोस्त बाजार से अंडे लेने गया था। तभी एक कार व दो बाइक पर सवार आठ बदमाश वहां पहुंचे और ड्राइविंग सीट पर मौजूद मोनू को निशाना बनाकर गोलियां बरसा दीं।
इससे पहले की कार में बैठे पुलिसकर्मी जवाबी फायर करते हमलावरों ने उन पर भी गोलियां चला दीं। गोली चलाने के बाद बदमाश कार के पास पहुंचे और मोनू की मौत की पुष्टि करने के बाद फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां कुलदीप को छोड़कर बाकी तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। कुलदीप के हाथ में गोली लगी है।
मियांवाली थाना पुलिस ने कुलदीप के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अरुण के दोस्त ने पुलिस को बताया कि वह अंडा लेकर आ रहा था तो उसने कार और बाइक पर सवार बदमाशों को गोलीबारी करते हुए देखा। उसके मुताबिक, बदमाशों के पास बड़े हथियार थे।
सुरक्षा घटते ही कर दी गई बेटे की हत्या
भूपेंद्र उर्फ मोनू दरियापुर के पिता फूल सिंह ने आरोप लगाए है कि ढाई माह पहले ही उसके बेटे की सुरक्षा घटा दी गई थी। इस बात की भनक लगते ही सोनू उर्फ सत्यवान ने उसकी हत्या कर दी है।
उनके मुताबिक वर्ष 2006 में मोनू पर सोनू ने जानलेवा हमला कर छह गोलियां मारी थीं। इसमें मोनू के एक दोस्त की मौत हो गई थी। अदालत से गुहार लगाने के बाद मोनू के साथ-साथ फूल सिंह को भी सुरक्षा प्रदान की गई थी, लेकिन ढाई माह पहले मोनू के पास से छह में से चार पुलिसकर्मी हटा लिए गए। वहीं फूल सिंह की सुरक्षा हटा ली गई।
भूपेंद्र की सुरक्षा में शहीद हुए विजय सिंह के परिवार वाले पुलिस की कार्यप्रणाली से नाखुश हैं। विजय की पत्नी सुनील ने सवाल किया कि सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों को दिल्ली पुलिस बुलेट प्रूफ जैकेट क्यों नहीं उपलब्ध करवाती है।
सुनील ने बताया कि रात में दो बजे उन्हें पति का एक्सीडेंट होने की जानकारी देकर अस्पताल बुलाया गया, लेकिन सोमवार दोपहर तक पुलिस का कोई भी अधिकारी उनका हालचाल तक लेने नहीं आया। उन्होंने कहा कि उनके पति शहीद हुए हैं।
परिवार वालों के मुताबिक, विजय सिंह वर्ष 1989 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे और जनवरी माह में उनकी पदोन्नति एएसआई के पद पर हुई थी। उनके मुताबिक वह ढाई माह से मोनू की सुरक्षा में लगे थे।
विजय सिंह मूलरूप से गांव मिनास, रेवाड़ी, हरियाणा के रहने वाले थे और दिल्ली के पालम के कैलाशपुरी में रहते थे। उनका अंतिम संस्कार उनके गांव में किया जाएगा।