दोपहर तीन बजे मिली सूचना
दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि रविवार दोपहर 3.01 बजे उनकी टीम को खबर मिली कि मोतिया खान मकान नंबर-10554 में आग लग गई है। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की पांच गाड़ियां को यहां भेजा गया। करीब 25 गज की चार मंजिला इमारत में आग लगी थी। ग्राउंड फ्लोर पर दुकान थी, जबकि पहली मंजिल पर एक दफ्तर बना हुआ था। दूसरी मंजिल पर हरिदर्शन और उनका परिवार रहता है। ॉ
पूरी इमारत में हेमलता अकेली थी
मकान की चौथी मंजिल पर हरिदर्शन की मां विमला और बहन हेमलता रहती थी। तीसरी मंजिल पर समान के अलावा इन लोगों ने रसोई बनाई हुई है। रविवार को छुट्टी होने की वजह से ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर ताला लगा था। हरिदर्शन परिवार के साथ किसी रिश्तेदारी में गए थे। इनकी मां विमला देवी सत्संग में गई थी। पूरी इमारत में हेमलता अकेली मौजूद थी। आग लगने के समय वह चौथी मंजिल पर सो रही थी। इस दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं।
बचाव दल मौके पर पहुंचा तो हो गया धमाका
आग की सूचना मिलने के बाद दमकल अधिकारी एडीओ राजेश शुक्ला टीम के साथ वहां पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पहली मंजिल पर लगी आग धीरे-धीरे ऊपर पहुंच रही थी। इस बीच जैसे ही उनकी टीम वहां पहुंची अचानक तीसरी मंजिल पर रखे एलपीजी सिलेंडर में धमाका हो गया। ब्लास्ट से तीसरी मंजिल की दीवार के परखच्चे उड़ गए। आग ने पूरी इमारत को अपने कब्जे में ले लिया। इस बीच बचाव के दौरान दो दमकल कर्मी झुलस गए। आसपास की कई इमारतों को खाली करवा लिया लिया गया। बाद में किसी तरह आग पर काबू पाया गया। इसके बाद चौथी मंजिल से हेमलता का शव बरामद किया गया।
पति की मौत के बाद हेमलता रह रही थी मां के साथ
हेमलता अपने पति के साथ बदरपुर इलाके में रहती थीं। वर्ष 2021 में इनके पति की मौत हुई तो इन्होंने अपनी मां के साथ मोतिया खान इलाके में रहना शुरू कर दिया। हेमलता की कोई संतान नहीं थी। भाई हरिदर्शन ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने इमारत में घुसने का प्रयास किया, जिससे उनको मामूली लपटें लगीं। आग से पूरा घर जलकर खाक हो गया। बेटी की मौत के बाद विमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल था।