जिला प्रशासन के अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 15 लोग कोरोना संक्रमित हैं। मंडी में 13 दुकानें सील कर दी गई हैं। उधर, एपीएमसी के सदस्य अनिल मल्होत्रा का कहना है कि 15 नहीं, 27 से अधिक संक्रमित हैं।
नींबू, लहसुन, सेब, खरबूजा व संतरा के व्यापारी भी संक्रमण के शिकार हैं। उनके किसी स्टाफ का मेडिकल चेकअप नहीं हुआ है। मंडी हॉटस्पॉट बना हुआ है। डी ब्लॉक की 300 से ज्यादा दुकानें पूरी तरह बंद हैं। मंडी में 20-25 ट्रक आलू व इतना ही प्याज आया। इसी तरह 3 ट्रक अदरख, 12 ट्रक आम, 3 ट्रक मौसमी व खरबूज की आवक रही।
मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें बताया कि मंडी में कार्यरत प्रत्येक वर्ग में कोरोना वायरस के संक्रमण को बचाने की जरूरत है। उन्होंने एपीएमसी के चेयरमैन आदिल अहमद खान पर आरोप मढ़ा है कि वह मीडिया व दिल्ली सरकार को गुमराह कर रहे हैं।
साथ ही पत्र के साथ 27 लोगों की सूची भी दी है, जिन्हें संक्रमित बताकर उनके नाम व मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं। दिल्ली की सभी मंडियों को खुले जगह में अस्थाई तौर स्थानांतरित करने का सुझाव भी दिया गया है।
पूर्वी दिल्ली स्थित गाजीपुर मंडी के चयनित सदस्य जगदीश बजाज और कारोबारी वेद प्रकाश सैनी का कहना है कि फल व सब्जियों की आवक में कमी नहीं है। स्थानीय व उत्तर प्रदेश के बार्डर से करीब होने के कारण सब्जियां भरपूर आ रही हैं। हालांकि, संक्रमण से व्यापारी भी डरे हुए हैं। यहां लगातार सैनिटाइजेशन होना चाहिए।
केशवपुरम मंडी के प्रधान अजय चौधरी का कहना है कि आजादपुर मंडी बंद होने के कारण किसान इसी मंडी में सब्जियां व फल लेकर पहुंच रहे हैं। इसलिए हमारी मंडी में आवक की कमी नहीं है। हालांकि, ठीक इसके विपरित ओखला मंडी में आवक बेहद ही कम है। आजादपुर मंडी बंद होने व आवक कम होने के कारण ओखला मंडी में 20-25 प्रतिशत ही माल पहुंच रहा है। ऐसे में इस मंडी में फिलहाल परेशानी देखने को मिल रही है।