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योजना: एक लाख लावारिस कुत्तों की होगी नसबंदी, डॉग एंबुलेंस का होगा इस्तेमाल, मिलेगी राहत

Fri, 07 Apr 2023 07:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

राजधानी दिल्ली में एक लाख लावारिस कुत्तों की नसबंदी होगी। 
क्षेत्र आधारित बंध्याकरण नीति के तहत डॉग एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। इससे सड़कों पर ज्यादा से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। 
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फाइल फोटो - फोटो : self
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विस्तार
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राजधानी में लावारिस कुत्तों के आतंक से निपटने के लिए निगम इस साल एक लाख कुत्तों की नसबंदी कराएगा। लावारिस कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए पशु चिकित्सा सेवा विभाग गैर सरकारी संस्थाओं और निजी पशु चिकित्सकों की सहायता से नसबंदी का कार्यक्रम चला रहा है। 
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क्षेत्र आधारित बंध्याकरण नीति के तहत डॉग एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। इससे सड़कों पर ज्यादा से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। निगम ने बीते साल करीब 50 हजार लावारिस कुत्तों की नसबंदी की थी। इस साल इसे दोगुना करने करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में कुल 17 केंद्रों पर लावारिस कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। 

जल्द ही चार नए नसबंदी केंद्र भी शुरू किए जाने हैं। इस कार्य में लगे एनजीओ और निजी पशु अस्पतालों की ओर से चलाए जा रहे नसबंदी केंद्रों को निगम की ओर से डॉग एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई है, जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इससे नसबंदी के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने में आसानी होगी।
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डॉग एंबुलेंस का होगा इस्तेमाल
डॉग एंबुलेंस से कुत्तों की नसबंदी के अलावा रेबीज के खिलाफ टीकाकरण भी किया जा रहा है। निगम के सभी 12 जोन में इसके लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। निगम के अधिकारियों के मुताबिक 28 सितंबर को 16वें विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर एक साथ छह जोन में एंटी रेबीज वैक्सीनेशन कैंप लगाकर 1332 लावारिस कुत्तों को वैक्सीन लगाई गई। इस साल डॉग एंबुलेंस की संख्या बढ़ाकर नसबंदी व वैक्सीनेशन की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
 

बढ़ा कुत्तों का आतंक
कुछ महीनों के भीतर दिल्ली के साथ-साथ पूरे एनसीआर में कुत्तों का आतंक देखने को मिला है। लावारिस कुत्तों के हमले में कई लोग सड़क दुर्घटना के शिकार हुए। वसंत कुंज में कुत्तों के हमले से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। घटना को गंभीरता से लेते हुए मेयर शैली ओबरॉय ने निगम अधिकारियों के साथ बैठक की थी। निगम ने सड़क पर कुत्तों की आबादी को कम करने की कार्ययोजना तैयार की है।
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पशु चिकित्सालय व कई जरूरी सेवाओं को विस्तार

  • निगम ने बसंत कुंज ओसीएफ पॉकेट सेक्टर-बी में डीडीए से 483 वर्गमीटर भूमि पशु चिकित्सालय बनाने के लिए ली है। यहां पशु-पक्षियों दोनों का इलाज होगा।
  • मृत छोटे पालतू पशुओं (कुत्ता, भेड़, बकरी, बंदर, सुअर) के लिए द्वारका सेक्टर-29 में सीएनजी शवदाह गृह तैयार।
  • लावारिस पशुओं को पकड़ने की गति तेज करने के लिए अतिरिक्त मैन पावर के लिए अनुबंध।
  • सभी 12 जोनों में प्रत्येक में कम से कम दो कैटल कैचिंग ट्रक की होगी व्यवस्था।
  • दो शिफ्ट में पूरे दिन चलेगा पशुओं को पकड़ने का काम। लावारिस कुत्तों के काटने से होने वाली रेबीज बीमारी की रोकथाम के लिए पर्याप्त एंटी रेबीज वैक्सीन खरीदी जाएगी।
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