राजधानी में प्रशासन की लापरवाही के कारण रविवार को सीवर की सफाई के दौरान एक और मजदूर रवि (24) की जान चली गई। दूसरा मजदूर संजय (35) नाजुक हालत में एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती है। दरअसल, सीबीडी ग्राउंड में करीब 15 फुट गहरी सीवर लाइन बंद हो गई थी। ठेकेदार ने पांच निजी मजदूरों को बुलाकर उन्हें सीवर लाइन में जबरन उतार दिया। पहले रवि बेहोश हुआ तो संजय उसे बचाने नीचे गया। वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया।
पुलिस और दमकल कर्मियों ने दोनों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। वहां रवि को मृत घोषित कर दिया गया। आनंद विहार थाना पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज किया है। ठेकेदार शैंकी फरार है।
पुलिस के मुताबिक, हादसा कड़कड़डूमा कोर्ट के पीछे सीबीडी ग्राउंड में हुआ। ग्राउंड के रखरखाव की जिम्मेदारी डीडीए के पास है। ग्राउंड में स्थित करीब 15 फुट गहरी सीवर लाइन कई दिन से बंद थी। इसे खुलवाने की जिम्मेदारी निजी ठेकेदार शैंकी को दी गई।
शैंकी ने पास की न्यू संजय अमर कॉलोनी से रवि, संजय, मोनू, दीपक और राजीव को सफाई के लिए बुलाया। सभी को 350 रुपये दिहाड़ी देने की बात की गई। शनिवार को दिनभर पांचों सीवर खोलने में जुटे रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। आरोप है कि शैंकी ने गहरे सीवर में उतरकर सफाई करने का दबाव बनाया।
दोपहर करीब 12:30 बजे रस्सी लटकाकर रवि सीवर में उतरा, लेकिन वह जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसे देखने के लिए संजय नीचे उतरा तो वह भी बेहोश हो गया। इससे बाकी लड़के डर गए। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।
मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर मास्क लगाकर नीचे उतरे और रवि व संजय को निकाला। पुलिस दोनों को तत्काल हेडगेवार अस्पताल ले गई। वहां रवि को मृत घोषित कर दिया गया। हालत नाजुक होने पर संजय को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत बेहद नाजुक है।