कोरोना वायरस के कारण दिल्ली का नक्शा लाल है। संक्रमितों की संख्या पांच हजार के पार हो चुकी है, लेकिन इन मरीजों और कंटेनमेंट जोन की आबादी का आकलन करें तो एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है।
दिल्ली की कुल आबादी करीब 1.90 करोड़ है। इसमें लगभग 95 फीसदी आबादी कंटेनमेंट जोन से बाहर है। दिल्ली में करीब 90 कंटेनमेंट जोन में 5.48 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से 1071 संक्रमित मिल चुके हैं। यानी, दिल्ली में हर चार में से एक पॉजिटिव मरीज कंटेनमेंट जोन का निवासी मिल रहा है।
फिलहाल दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या 5532 है, जिनमें आधे से ज्यादा तो तब्लीगी जमात से जुड़े हैं या फिर कंटेनमेंट जोन के निवासी हैं। निजामुद्दीन स्थित मरकज से निकाले गए जमातियों में से 1080 संक्रमित मिले थे। इसके बाद अब अलग-अलग कंटेनमेंट जोन से इतनी तादाद में संक्रमित मरीज मिले हैं।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इन आंकड़ों से स्थिति साफ है कि दिल्ली का पूरा क्षेत्र कोरोना की चपेट में नहीं है। इसलिए दिल्ली सरकार ने केंद्र से सिर्फ कंटेनमेंट जोन को ही रेड जोन में तब्दील करने की मांग की थी, ताकि बाकी क्षेत्र में जनजीवन सामान्य हो सके। हालांकि, आजादपुर मंडी एक अपवाद भी है, जहां अब तक 18 संक्रमित मिल चुके हैं और एक व्यापारी की मौत हो चुकी है।
जांच बढ़ी तो तीन दिन में मिले 700 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकाररी ने बताया कि दिल्ली में अब तक 64108 सैंपल की जांच हो चुकी है। कंटेनमेंट जोन में कुछ दिन पहले तक करीब 7 हजार सैंपल की जांच हुई थी, जिसमें से 373 संक्रमित मिले थे। पिछले तीन दिन में यहां जांच बढ़ी तो करीब 700 नए मरीज मिले हैं। इसलिए कंटेनमेंट जोन में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है।