भारत में प्रत्येक छह घंटे में ओरल कैंसर से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है। देश में लोग मुंह की बीमारियों को लेकर जागरूक नहीं हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों की स्थिति ज्यादा खराब है।
बीमारी की मुख्य वजह तंबाकू है वहीं चीनी का ज्यादा सेवन भी रोगों का कारण बन रहा है। यह जानकारी इंडियन डेंटल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अशोक ढोबले ने दी।
शुक्रवार को वह ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में जारी 102वीं वर्ल्ड डेंटल कांग्रेस में डेटा हब फॉर ग्लोबल ओरल हेल्थ के लांच के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने बताया देश में हर एक लाख की आबादी पर सात व्यक्ति होंठ के कैंसर और दो लोग मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं।
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डॉ. ढोबले के मुताबिक डेटा हब लांच होने से अब मुंह की बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या समेत कई अन्य जानकारियां आसानी से हासिल की जा सकेंगी।
वहीं विश्व डेंटल फेडरेशन ऑफ पब्लिक हेल्थ/डेंटल ऑफिसर्स सेक्शन की प्रमुख डॉ. थॉम्पसन ने बताया कि इसके लिए fdiworldental.org/home.aspx पर जाकर एफडीआई डेटा हब पर क्लिक करना होगा।
डेटा हब विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से प्राप्त किया गया है, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन, निगाता विश्वविद्यालय, माल्मो विश्वविद्यालय, विश्व बैंक और ग्लोबोकॉन शामिल हैं। डेटा हब से ओरल बीमारियों की स्थिति में सुधार की ओर कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर ऑकलैंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राबर्ट समेत अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे।