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Delhi NCR News: सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से एक की मौत, तीन बेहोश

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मकान मालिक के बेटों ने ठेकेदार और मजदूरों को निकाला बाहर
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-पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कुतुब विहार में निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट में बने सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस के चलते एक ठेकेदार मदन की मौत हो गई, जबकि तीन लोग इसकी चपेट में आकर बेहोश हो गए। बुधवार को छावला क्षेत्र के इस मकान में पहले मजदूर विनोद टैंक के अंदर उतरे, उसके बाद ठेकेदार मदन पंडित भी लेंटर की शटरिंग खोलने नीचे गए। कुछ दिन पहले बंद किए गए इस टैंक में बनी जहरीली गैस ने दोनों को बेहोश कर दिया। जब उनकी सुगबुगाहट बंद हो गई तो मकान मालिक विरेन्द्र सिंह के दोनों बेटे सुरेन्द्र और चन्द्रशेखर बचाव के लिए टैंक में कूदे। दोनों ने मदन और विनोद को बाहर खींचा, लेकिन खुद भी गैस की चपेट में आ गए। आनन-फानन में चारों को इंदिरा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां 38 वर्षीय मदन पंडित को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। विनोद, सुरेन्द्र और चन्द्रशेखर इलाज के बाद खतरे से अब बाहर हैं। मदन गोयला डेयरी में पत्नी और दो बेटों के साथ रहते थे। वह मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं।
लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज : उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि छावला पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और मोबाइल क्राइम टीम ने सबूत जुटाए। शव का पोस्टमार्टम राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल में कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज किया है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी समेत हादसे के सभी पहलुओं की जांच चल रही है।
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सेप्टिक टैंक से जुड़े हादसे नई बात नहीं :
27 जून को मुंडका औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में जहरीली गैस से तीन श्रमिकों की मौत हो गई थी। पुलिस ने फैक्टरी मालिक और ठेकेदार को गिरफ्तार किया था। 24 मई को न्यू अशोक नगर में सफाई के दौरान एक श्रमिक की मौत हुई और दूसरा गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया था। 25 जुलाई 2025 को कुतुब विहार में ही ठेकेदार सुभाष और श्रमिक प्रदीप की मौत हो गई थी। 24 मई 2024 को ओल्ड जसोला में दो श्रमिक सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए दम घुटने से मर गए थे। ये घटनाएं बार-बार सुरक्षा की लापरवाही को उजागर करती हैं।
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