नौकरशाहों की नियुक्ति व तबादले के लिए बेशक राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) का गठन किया जा रहा है और इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन लेकिन तीन सदस्यीय प्राधिकरण में पक्ष नौकरशाहों का ही मजबूत होगा। वहीं, प्राधिकरण के फैसलों पर उपराज्यपाल की राय आखिरी होगी। इससे दिल्ली सरकार और एलजी के बीच फिर से तकरार देखने को मिल सकती है।