- 2016 में छापा मारने के दौरान दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को गोली मारकर हत्या का किया था प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने 2016 में छापा मारने के दौरान दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को गोली मारकर हत्या का प्रयास करने के आरोपी को दोषी ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार खरता, सोनू के खिलाफ एक केस की सुनवाई कर रहे थे। उस पर केशव पुरम पुलिस थाना में तैनात उस समय के एएसआई अजय कुमार पर गोली चलाने का आरोप था। एएसआई को छोटू गैंग के मेंबर ने तब गोली मारी थी, जब ऑफिसर ने अपनी टीम के साथ 4 अप्रैल, 2016 को उसे अरेस्ट करने के लिए छापा मारा था। सोनू की गोली से कुमार बच गए थे क्योंकि उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहनी हुई थी।
न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह भी सफलतापूर्वक साबित कर दिया है कि आरोपी सोनू ने एएसआई अजय कुमार पर अपनी पिस्टल से गोली चलाई थी, लेकिन उसने जो बुलेट प्रूफ जैकेट पहनी थी, उसकी वजह से वह बच गया। इससे पता चलता है कि आरोपी का इरादा कुमार को मारने का था। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी सोनू के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत सजा के लायक अपराध का आरोप बिना किसी शक के साबित हो गया है। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी का अपनी पिस्टल से गोली चलाना, सरकारी कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी करने से रोकने के लिए आपराधिक फोर्स का इस्तेमाल है।
कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने बिना किसी शक के यह साबित कर दिया कि सोनू के पास एक गैर-कानूनी हथियार था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रेड इसलिए जरूरी थी क्योंकि सोनू डकैती, लूट, क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामलों में वॉन्टेड था और उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम था।