रेलवे में पदस्थापित कैग अधिकारी के बैंक खाते से दो लाख की ठगी के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बड़ी चालाकी से अधिकारी को रेलवे के अकाउंट विभाग से फोन करने की बात कहकर उसके खाते की पूरी जानकारी हासिल की। साथ ही पीड़ित के बैंक खाते पर भीम एप एक्टिवेट करवा दिया। इसके जरिए आरोपी ने 10 से 12 जुलाई के बीच खाते से दो लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। जिले के साइबर सेल ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान जौहरीपुर निवासी प्रदीप के रूप में हुई है। आरोपी मूलत: झारखंड के गिरीडीह का रहने वाला है। उसके पास से पुलिस ने छह एटीएम कार्ड और तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। जांच में आरोपी के छह फर्जी बैंक खाते का पता चला है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गैंग में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैग अधिकारी बी मल्लिकार्जुन ने ठगी की शिकायत की थी। शिकायत पर एसीपी प्रमोद कुमार की देखरेख में टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते का पता लगाया और पहचान कर प्रदीप को शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के बैंक खाते की जांच में पता चला है कि उसने जुलाई माह में खाते से करीब 59 लाख रुपये निकाले हैं। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पूरा गैंग झारखंड के देवघर से संचालित होता है। वारदात को अंजाम देने से पहले पीड़ित की पूरी जानकारी हासिल करते हैं।