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सीजीएसटी अधीक्षक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में गया जेल 

Sat, 14 Sep 2019 06:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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अधीक्षक को जेल ले जाते अधिकारी... - फोटो : अमर उजाला
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सीबीआई की टीम ने मेरठ से बृहस्पतिवार रात को तीन लाख की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किए सीजीएसटी के अधीक्षक विकास कुमार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। विशेष न्यायाधीश रेखा अग्निहोत्री की अदालत ने आरोपी अधीक्षक को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया।

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सीबीआई की लोक अभियोजक मंजू तंवर ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को सीबीआई ने आरोपी अधीक्षक विकास कुमार निवासी डिफेंस एंक्लेव (कैलाशी अस्पताल) कंकरखेड़ा, मेरठ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सीबीआई इंस्पेक्टर एसके पांडेय, सुनील सिंह व अजय गहलोत की टीम ने अदालत के सामने केस से जुड़े सबूत दिखाए। 

उन्होंने कहा कि आरोपी सीबीआई को देखकर भागने लगा था, जिसके बाद सीबीआई ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई उसे सर्च के लिए जली कोठी स्थित कार्यालय से उसके आवास पर ले गई थी। हालांकि वहां कुछ हाथ नहीं लगा। उधर, अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मनोज शिशौदिया ने जिरह की, जिन्होंने सीबीआई द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उसे 26 सितंबर तक के लिए डासना जेल भेज दिया है।
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यह था मामला
मेरठ के रहने वाले अजय कुमार ने बुधवार को सीबीआई से शिकायत की थी कि मेरठ के जली कोठी स्थित सीजीएसटी के ऑडिट सेल में तैनात अधीक्षक विकास कुमार उनकी ऑडिट रिपोर्ट को पास करने के लिए उनसे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। इसके बाद बृहस्पतिवार को शिकायत के आधार पर सीबीआई ने मामले को ट्रैप करना शुरू किया और फोन सर्विलांस पर लगाया। वहीं, ठेकेदार अजय को पहली किश्त के रूप में तीन लाख रुपये लेकर अधीक्षक के पास जाने को कहा। इसके बाद अजय ने उसे रिश्वत दी, जिसे तत्काल बाद मौके पर पहुंची सीबीआई की टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

कार्यालय बंद होने के बाद रिश्वत लेकर आने की कही थी बात
सूत्रों ने बताया कि ठेकेदार ने अधीक्षक से रिश्वत देने के लिए संपर्क साधा तो उसने बृहस्पतिवार शाम को दफ्तर में आने को कहा। साथ में यह भी कहा कि थोड़ा ऑफिस बंद होने के बाद आए, जिससे की कार्यालय में बाकी लोग न रहे। अब कार्यालय बंद हो गया था और सिर्फ अधीक्षक विकास ही दफ्तर में बचा था। अब जैसे ही ठेकेदार उसके पास पहुंचा तो उसने कहा कि बताओ कितने लाए हो। इस पर ठेकेदार ने कहा कि जितने आपने मांगे थे उतने ही लाया हूं और यह कह कर रिश्वत की तीन लाख धनराशि हाथों में थमा दिए थे।

पेंट में रखे थे रुपये
सीबीआई की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची तो आरोपी अधीक्षक रिश्वत की रकम को अपनी पेंट में रख रहा था, जिसे सीबीआई ने मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद सीबीआई ने उसकी हाथ और पेंट केमिकल धुलवाई तो उसने रंग छोड़ दिया और वह उसे गिरफ्तार कर उसे उसके घर ले गई। इसके बाद सीबीआई उसे गाजियाबाद ब्रांच ले आई, जहां देर रात तक उससे पूछताछ की गई।

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