दुष्कर्म का वीडियो कई आईपी पतों से हुआ साझा, असल आरोपी का नहीं लग सका पता : अदालत
- आरोपी रविंद्र पर महिला के साथ दुष्कर्म का वीडिया सोशल मीडिया पर साझा करने का था आरोप
सिमरन
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला के साथ दुष्कर्म का वीडियो वायरल करने के एक आरोपी को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) दिग्विनय सिंह ने आरोपी रविंद्र को आरोपमुक्त कर दिया। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी के अलावा अन्य वीडियो अपलोड करने वालों की पहचान जांच के दौरान नहीं हो सकी थी। क्योंकि उन वीडियो को विभिन्न स्थानों और आईपी पतों से अपलोड किए जाने का दावा किया गया था। वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने वाले असल व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ उचित संदेह से परे सबूत पेश नहीं किए हैं, जो आपराधिक मुकदमे में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक है।
मामला तीन सितंबर, 2016 का है, जब एक महिला ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक सह आरोपी संदीप पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी संदीप ने शिकायत करने से ग्यारह महीने पहले उसे अपने घर बुलाया था। इस दौरान नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना का वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। हालांकि, उस समय मौजूदा आरोपी की पहचान नहीं हो पाई थी। 11 सितंबर, 2024 के फैसले में आरोपी संदीप को बरी कर दिया गया। क्योंकि पीड़िता अपने दावे से मुकर गई थी।
जांच एजेंसी ने नहीं दिखाई गंभीरता : अदालत
अदालत ने कहा कि यह निर्धारित करने के लिए कई रास्ते मौजूद थे कि क्या अभियुक्त ने उस मोबाइल या ईमेल आईडी का उपयोग किया था। अभियोजन पक्ष इससे सफलतापूर्वक स्थापित नहीं कर पाया है। गवाह एसीपी मिहिर सकारिया ने स्वीकार किया कि जिस स्रोत से वीडियो बनाया गया था, उसकी कभी पहचान नहीं की जा सकी। यही नहींं, जिस मोबाइल फोन से कथित वीडियो अपलोड किया गया था, वह बरामद नहीं हुआ। न्यायाधीश ने कहा कि अजीब बात है कि जांच एजेंसी ने यह पता लगाने का कोई प्रयास नहीं किया कि उपर्युक्त ईमेल आईडी आरोपी ने बनाई व इस्तेमाल की थी। ईमेल आईडी में केवल रविंद्र के शामिल होने से अदालत यह निष्कर्ष नहीं निकाल सकती कि यही केवल आरोपी का था। अनगिनत रविंद्र नाम से साझा कर सकते हैं।
जांच में आया था रविंद्र का नाम
जांच में पुलिस ने वीडियो अपलोड करने की आईडी और आईपी पते का पता लगा लिया। पता चला कि वीडियो को दो सितंबर, 2016 को हरियाणा के हिसार के गणेश मार्केट के पते से राजीव तनेजा ने अपलोड किया था। आईडी पर पंजीकृत मोबाइल नंबर राजीव तनेजा और उसके भाई सुनील तनेजा की तरफ से संचालित एक कंपनी माइक्रो वोल्ट सिस्टम नाम और उसी पते के तहत पंजीकृत था। जब राजीव तनेजा और उनके भाई सुनील तनेजा से संपर्क किया गया तो दोनों ने बताया कि यह मोबाइल नंबर आरोपी रविंद्र का है, जो उस समय उनके ही कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था।