उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए शुरू की गई ऑन स्पॉट बिलिंग की सुविधा पर सिस्टम का ब्रेक लग गया है। सबसे पहले तिलपत सब डिवीजन में इस सुविधा को शुरू किया गया था लेकिन एक बार फिर यहां निगम की लचर कार्यशैली ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है।
करोड़ों रुपये की लागत से शुरू हुई ऑन स्पॉट बिलिंग की सुविधा सालभर भी उपभोक्ताओं को नहीं मिली। महज नौ महीने बाद ही इसे बंद कर दिया गया। अब एक बार फिर उपभोक्ताओं को मैनुअल तरीके से बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं।
ऐसे में एक बार फिर उन समस्याओं का सामना उपभोक्ताओं को करना पड़ रहा है जिनके समाधान के लिए ऑन स्पॉट बिलिंग शुरू हुई थी। बिलो में लेटलतीफी से स्थानीय उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। गलत बिलों ने लोगों की नींद उड़ा दी है।
ऐसे बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी:केस-1
गणेश विनय नगर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले मीटर रीडर ने 1950 रीडिंग ली थी। दो दिन पहले ही जो बिल मिला है उसमें रीडिंग 7187 दर्शाई गई है, जिसका बिल 53 हजार रुपये आया है। जबकि मीटर करंट रीडिंग 2440 दिखा रहा है।
गणेश 30 गज के मकान में तीन सीएफएल, एक टीवी, एक कूलर के सहारे गुजर बसर कर रहे हैं। दफ्तर से छुट्टी लेकर बिजली का बिल ठीक कराने के लिए धक्के खा रहे हैं। गणेश ने बताया कि ऑन स्पॉट बिलिंग में इस तरह की दिक्कतें नहीं आती थीं।
केस-2
न्यू तिलपत में रहने वाली मीना मौर्य गलत बिलों से खासी परेशान हैं। बिजली के भारी भरकम बिलों ने उनका बजट बिगाड़कर रख दिया है। मीना ने बताया कि ऑन स्पॉट बिलिंग बंद होने के बाद बिलों में बड़ी गड़बड़ी हो रही है।
इस बार मीटर रीडिंग 110 यूनिट थी लेकिन बिजली निगम की तरफ से जो बिल मिला उसमें 201 यूनिट दिखाई गई। बिजली दफ्तर में काफी चक्कर काटे लेकिन बिल ठीक नहीं हुआ। ऐसे में कनेक्शन कटने के डर से 201 यूनिट का बिल भरना पड़ा। बिल समय पर न मिलने से भी दिक्तों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या थी ऑन स्पॉट बिलिंग प्रणाली
ऑन स्पॉट बिलिंग सिस्टम के तहत बिजली निगम की बिलिंग एजेंसी के कर्मचारी डोर टू डोर जाकर रीडिंग लेते थे और मौके पर ही बिजली के बिल का प्रिंट दे देते थे। बिल में किसी तरह की गलति की संभावना नहीं होती थी।
अगर कोई गलति होती थी तो उसे मौके पर ही सुधार लिया जाता था। तिलपत सब डिवीजन से बकायदा बिजली निगम के एमडी अरुण कुमार ने इसकी शुरुआत की थी।
इसके बाद पूरे जिले में इसे लागू किया जाना था लेकिन बिजली निगम की उदासीनता के चलते इस योजना ने बीच में ही दम तोड़ दिया।
अब नई तैयारी में जुटा निगम
पुरानी योजना ठीक से सिरे चढ़ नहीं पाई अब बिजली निगम नई तैयारी कर रहा है। निगम के अधिकारियों का मानना है कि ऑन स्पॉट बिलिंग से उपभोक्ताओं को सहूलियत मिल रही थी।
उपभोक्ताओं से इसका बेहतर फीडबैक भी मिल रहा था, लेकिन ऑनलाइन बिजली के नए सॉफ्टवेयर के चलते इसे बंद कर दिया गया है। जिन कंपनियों ने इस सिस्टम को शुरू किया था अब वहीं कंपनियां इसमें सुधार के लिए नए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार कर रही हैं।
अधिकारी भी मान रहे गलतियां
बिजली निगम के तिलपत सब डिवीजन के एसडीओ हेमंत शर्मा का कहना है कि ऑन स्पॉट बिलिंग बंद होने से 25 फीसदी उपभोक्ताओं को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं लेकिन उनकी परेशानियों का हल भी किया जा रहा है।