स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है। सख्त निर्देश के बावजूद पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले दुकानदार ग्राहकों की जानकारी लिए बिना उन्हें वाहन बेच रहे हैं। ऐसे में कोई भी आतंकी संगठन इन गाड़ियों को खरीदकर उसका इस्तेमाल बड़ी घटना को अंजाम देने में कर सकते हैं। पुलिस ने ऐसे दो दुकानदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनके पास खरीदारों से संबंधित ब्योरा रखने वाला रजिस्टर व जानकारी नहीं मिली है।
स्वतंत्रता दिवस के नजदीक आते ही राजधानी में दिल्ली पुलिस की ओर से सुरक्षा को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। राजधानी को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस हर साल लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करती है। किरायेदारों से लेकर घरों में काम करने वाले सहायकों, कर्मचारी, ड्राइवर व फैक्टरी में काम करने वाले कामगारों का भी सत्यापन करती है। राजधानी में पहले भी आतंकी पुरानी कार खरीदकर घटना को अंजाम दे चुके हैं, इसलिए पुलिस पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वालों व सिम बेचने वाले दुकानदारों से ग्राहकों की पूरी जानकारी लेकर उन्हें वाहन और सिम बेचने के निर्देश दिए हुए हैं।
इसके बावजूद जांच में लापरवाही के मामले सामने आए हैं। करोलबाग में एक दुकानदार के पास रजिस्टर तो था, लेकिन उसमें कार बेचने व खरीदने वालों का न तो फोन नंबर था और न ही फोटो। वहीं द्वारका नॉर्थ में एक दुकानदार के पास रजिस्टर ही नहीं मिला। इसी तरह लगातार जागरूक करने के बावजूद मकान मालिक भी सुरक्षा को लेकर कोताही बरत रहे हैं और अपने किरायेदारों का सत्यापन नहीं करवा रहे हैं। ऐसे करीब 100 से ज्यादा मकान मालिकों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल के मुताबिक, दिल्ली पुलिस सुरक्षा को लेकर लगातार मकान मालिकों व पुरानी गाड़ी के विक्रेताओं को जागरूक करती रहती है, लेकिन जांच में कोताही बरतने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन पर कार्रवाई भी करती है।