अदालत ने तब्लीगी जमात मामले में आरोपी किर्गिजस्तान और बांग्लादेश के 121 नागरिकों को जुर्माना भरने के बाद सोमवार को रिहा कर दिया। इन विदेशी नागरिकों पर निजामुद्दीन मरकज में अवैध रूप से आयोजित तब्लीगी जमात में शामिल होने, वीजा नियमों और कोरोना वायरस संबंधी सरकारी आदेश के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
साकेत जिला अदालत के महानगर दंडाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बांग्लादेश के 79 नागरिकों को द्वारा 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भरने के बाद रिहा किया। वहीं महानगर दंडाधिकारी रोहित गुलिया ने भी किर्गिजस्तान के 42 नागरिकों द्वारा 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भरे जाने के बाद रिहा कर दिया। इन आरोपियों को इनके देशों के उच्चायोगों और पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश किया।
इस सभी विदेशियों ने समझौता याचिका दायर करके सजा कम करने की मांग करते हुए अपना गुनाह कबूल किया था। इन विदेशी जमातियों की ओर से वकील आशिमा मंडला और फहीम खान ने पैरवी की। हालांकि इन विदेशियों में किर्गिजस्तान के 8 और बांग्लादेश के 3 नागरिकों ने अदालती मुकदमे का सामना करने का फैसला किया है। कोर्ट ने कुछ दिन पहले ही इन्हें दस-दस हजार के मुचलके पर जमानत दी थी।