इस फूड बस स्टॉल के निर्माण में बस के मूल ढांचे को बरकरार रखते हुए इसके आंतरिक और बाहरी हिस्सों को आधुनिक सुविधाओं के साथ सुसज्जित किया गया है। बस के ऊपर एक शेड बनाया गया है जिसे आकर्षक डिजाइन से सजाया गया है। यह शेड डीटीसी बस को एक फूड बस स्टॉल बनाता है। वहीं, बस के दोनों दरवाजों को एक दुकान के दरवाजे के समान लोहे की शटर में बदल दिया गया है। इसके अलावा बस की खिड़कियों को पारदर्शी शीशे में ही बरकरार रखा गया है। यह स्टॉल काफी आकर्षक लग रहा है।
परिवहन विभाग दूसरी एजेंसियों के सहयोग से कर रहा काम
इस फूड बस स्टॉल का निर्माण परिवहन विभाग समेत दूसरी एजेंसियों के सहयोग से किया जा रहा है। कुछ समय पहले विभाग ने एलान किया था कि यह एसी फूड स्टॉल डीटीसी की उन सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों में खोले जाएंगे जो बसें अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इसका उद्देश्य पुरानी बसों को उपयोगी बनाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। वहीं, इसे यमुना किनारे बने पार्कों में खड़ा करने की योजना बनाई गई है। विभाग ने टाटा मार्कोपोलो की 2010 के एसी मॉडल, सीएनजी लो फ्लोर बसों को फूड बस स्टॉल में तब्दील कर दिया है। इस बस में 36 यात्री सीटें हुआ करती थीं।