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रेप पीड़िता को न्याय दिलाने आई महिला से रेप की कोशिश

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इलाहाबाद की एक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलवाने की लड़ाई लड़ने पर एक निजी इंश्योरेंस कंपनी ने अपने एक एजेंसी मैनेजर का वेतन रोक दिया है। वह कई महीनों से वेतन जारी करने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनका वेतन जारी नहीं किया जा रहा है।
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एजेंसी मैनेजर का आरोप है कि कंपनी उनसे रेप पीड़ित लड़की की मदद न करने का दबाव बना रही है। दरअसल कुछ महीनों पहले एजेंसी मैनेजर के पड़ोस में रहने वाली एक लड़की का रेप हो गया था। लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस कोई एक्शन नहीं ले रही थी, तो इन्होंने लड़की को न्याय दिलाने की लड़ाई शुरू कर दी। पर, ऐसा करने पर खुद इनकी कंपनी ने इनका वेतन रोक दिया।

गुहार लगाने के लिए पत्नी को भेजा था ऑफिस

मैनेजर का आरोप है कि इलाहाबाद में कंपनी के अधिकारियों से वेतन के संबंध में वह कई बार मिला, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो उसने दिल्ली आकर सेंट्रल ऑफिस में गुहार लगाने का निर्णय किया। इसलिए 31 जनवरी को वह रेप पीड़ित लड़की और अपनी पत्नी के साथ दिल्ली आ गया।

उसके बाद अपनी पत्नी को लेकर राजेंद्र प्लेस स्थित कंपनी के मुख्यालय पहुंचा। लेकिन वेतन जारी करने के लिए गुहार लगाने को अपनी पत्नी को ऑफिस में भेज दिया। बस यही उससे चूक हो गई। उसे क्या पता था कि रेप पीड़ित लड़की की मदद करना इतना मंहगा पड़ जाएगा।

ऑफिस में पत्नी से हुई रेप की कोशिश

31 जनवारी को जब मैनेजर ने अपनी पत्नी को वेतन जारी करने की गुहार लेकर दिल्ली स्थित इंश्योरेंस कंपनी के मुख्यालय भेजा तो अधिकारियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। फिर उसकी पत्नी से रेप की कोशिश की।

महिला का आरोप है कि जैसे ही वह ऑफिस में पहुंची और अपनी गुहार लगाई, कंपनी के अधिकारियों ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। उसके बाद 32 वर्षीय महिला से कंपनी के अधिकारियों ने छेड़छाड़ और रेप की कोशिश की। प्रसाद नगर थाना पुलिस छेड़छाड़ की रिपोर्ट तक दर्ज करने को तैयार नहीं थी।
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न्याय के लिए जंतर मंतर पर बैठा

महिला का आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रसाद नगर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। आला अधिकारियों से इसकी गुहार लगाने के एक हफ्ते बाद मामला दर्ज किया गया है।

न्याय के लिए पीड़ित परिवार जंतर मंतर पर धरने पर बैठ गया है। एजेंसी मैनेजर का आरोप है कि पीड़िता की मदद करने पर कंपनी के अधिकारियों ने उसका वेतन बंद कर दिया है। इलाहाबाद में कंपनी के अधिकारियों से वेतन के संबंध में मिला, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि जिला पुलिस उपायुक्त से मिलने के बाद उनकी शिकायत दर्ज की गई।
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