सरकारी अधिकारियों की लेटलतीफी जिला मुख्यालय पर भले ही दूर हो रही हो पर दूरदराज के क्षेत्रों में अभी अधिकारी सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं।
अधिकारी निर्धारित समय पर अपने दफ्तरों मे पहुंच रहे हैं या नहीं इस मुहिम को लेकर पिनगवां स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर का ‘अमर उजाला’ ने जायजा लिया।
सुबह 9:01 बजे: पिनगवां प्राईमरी हेल्थ सेंटर। तब तक कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा था। लोग अपनी बीमारी के इलाज के लिए यहां पहुंचे। सभी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों का इंतजार कर रहे थे।
सुबह 9.20 बजे तक दवाईयों को स्टोर भी नहीं खुल पाया था। मेडिकल आफीसर डॉ. विजय कुमार करीब 9:10 बजे पर अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने आते ही मौजूद मरीजों की जांच करनी शुरू कर दी।
वहीं आयुर्वेदिक डॉ रविद्र कुमार 10:07 बजे कार्यालय पहुंचे। मंगलवार रात 10:00 बजे से एंबुलेंस का इंजतार कर रही गांव हींगरपुर निवासी कश्मीरी ने बताया कि वह गांव की आशा वर्कर है वह डिलेवरी के लिए गांव की एक महिला को लेकर आई थी।
साठ गांव में तीन पीएचसी पर है एक एंबुलेंस
लेकिन पिछले 12 घंटे से गांव तक जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजार कर रही है। रहपुआ निवासी जमालुदीन का कहना है कि वह अपनी पत्नी समीना को डिलेवरी के लिये पिनगवां अस्पताल लेकर आया है लेकिन 9:30 बजे तक उसकी ओर को देखने के लिए कोई नर्स नहीं हैं।
डॉक्टर और कर्मचारियों से झूझ रही है पीएचसी-
पिनगवां पीएचसी के अंतर्गत 39 गांव आते हैं। इन गावों की करीब डेढ़ लाख की आबादी है। यहां पर केवल आयुर्वेदिक डॉक्टर रविद्र कुमार को लगा रखा है जबकि रविद्र कुमार तीन दिन पिनगवां पीएचसी और तीन दिन तिगांव पीएचसी की जिम्मेदारी संभालते हैं।
इसी तरह डॉक्टर विजय कुमार जिनके पास बिछौर पीएचसी का कार्यभार है लेकिन उनको पिनगवां का चार्ज दे रखा है। पिनगवां पीएचसी में दो मेडिकल ऑफिसर, एक डेंटल ऑफिसर, एक आयुर्वेदिक के डाक्टरों की पोस्ट के अलावा दर्जन भी एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मेसिस्ट, लैब टेक्निशियन सहित कई पद स्वीकृत हैं लेकिन अधिकतर पद खाली हैं।
भले ही स्वास्थ्य विभाग ने पांच साल पहले जच्चा-बच्चा को अस्पताल तक लाने ले जाने के लिये हर पीएचसी पर एक ऐंबूलैंस मुहईया कराई थी लेकिन आज हालत ये हैं कि प्रईमरी हेल्थ सेंटर शिकरावा, पिनगवां और तिगांव पर एक मात्र एंबुलेंस है। जिसकी वजह से लोग किराए के वाहनों से डिलेवरी के अस्पताल पहुंचते हैं।