सिर्फ एक फोन काल पर मरीज तक पहुंचने का दावा करने वाली 108 एंबुलेंस सेवा न मिलने से इंजीनियरिंग के होनहार छात्र की मौत हो गई। नेपाल का रहने वाला उदम मांझी(21) जिंदल नगर स्थित इंजीनियर कालेज में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। वह कविनगर थाना क्षेत्र की महागुनपुरम में किराये पर रहता था।
कालेज में इन दिनों सेमेस्टर परीक्षा चल रही थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे ह्दय रोगी होने के कारण तेज दर्द हुआ, साथी छात्रों ने कंट्रोल रूम को फोन किया, जहां से 108 पर फोन कर मदद मांगने की बात कही गई।
कई बार काल करने के बाद फोन रिसीव नहीं हो सका। गंभीर हालत में साथी छात्र उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, मगर तब तक काफी दे हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छात्रों का कहना है कि अगर एंबुलेंस वक्त रहते आ जाती तो छात्र की जान बच सकती थी। कविनगर थाने पहुंचे कालेज प्रबंधक संदीप कुमार सिंह ने बताया कि उदम बीटेक (सिविल) तृतीया वर्ष का छात्र था। वह कालेज का टॉपर था। उदम को दिल की बीमारी थी।
शुक्रवार को परीक्षा होने के कारण वह बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे कमरे पर पढ़ाई कर रहा था। दर्द की शिकायत होने पर वह चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर आस पास के कमरों में रहने वाले छात्र मौके पर जमा हो गए।
पुलिस और एंबुलेंस को कई बार फोन करने पर भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान छात्र की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि नेपाल निवासी परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजन काठमांडू से फ्लाइट पकड़ चुके हैं।