प्रदूषण बढ़ने के कारण एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश का असर अब गौतमबुद्घनगर के अधिकारियों पर भी दिखने लगा है। मंगलवार को अधिकारियों ने डीजल के 10 साल पुराने और पेट्रोल चलित 15 साल पुराने वाहनों को जब्त करने की योजना बनानी शुरू कर दी है। इन वाहनों को जब्त करने के लिए मंगलवार को कुछ कारों की जानकारी विभागीय अधिकारियों ने एक-दूसरे को देनी शुरू कर दी है।
इनमें मारुति, एस्टीम, मटीज, सबसे पहले वाली सेंट्रो और पुरानी होंडा सिटी की जांच की जाएगी। इन वाहनों को सड़क पर देखते ही रोका जाएगा। दरअसल, गौतमबुद्घनगर परिवहन विभाग के आंकड़े की माने तो करीब 55 हजार ऐसे वाहन हैं जो डीजल, पेट्रोल से चलते हैं और अपनी समय सीमा पूरी कर चुके हैं। करीब 27 हजार दो पहिया वाहन हैं और बाकी व्यवसायिक व यात्री कार हैं। अधिकारियों की मानें तो करीब 10 हजार वाहन ऐसे हैं जो घरों में खडे़ है या कबाड़ हो चुके हैं। मगर वाहन स्वामी के द्वारा कोई एनओसी नहीं ली और न ही चेचिस की प्लेट जमा कराई। ऐसे वाहन स्वामियों को मंगलवार से नोटिस जारी कराने शुरू कर दिए हैं।
परिवहन विभाग ने इस तरह के वाहनों की सूचना यातायात पुलिस को देनी शुरू कर दी है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने यातायात पुलिस से इस अभियान में मदद मांगी है। चूंकि वाहन जब्त होने के दौरान वाहन स्वामी गुस्से में हो सकते हैं। इसलिए ऐसी परिस्थिति में पुलिस का होना जरूरी है।
बुधवार से अभियान को यातायात पुलिस के साथ मिलकर चलाया जाएगा और डीजल-पेट्रोल के उन वाहनों को जब्त किया जाएगा तो 10 व 15 साल की सीमा पूरी कर चुके हैं। भले ही वह सीएनजी या दोपहिया वाहन हो। इसके लिए सीरीज की भी जानकारी दे दी जाएगी जिससे वाहनों को पहचानने में परिवहन और पुलिसकर्मियों का मदद मिलेगी।
हिमेश तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह 10 और 15 साल की समय सीमा पूर कर चुके वाहनों को जब्त करना शुरू कर दें। जिससे पर्यावरण को शुद्घ बनाने में मदद मिलेगी।
बीएन सिंह, जिलाधिकारी