दिल्ली ट्रैफिक पुलिस गूगल के जरिए दिल्लीवासियों को दमघोंटू प्रदूषण से निजात दिलाने में लगी हुई हैं। गूगल से नजर रखकर कहीं भी लंबा जाम लगने नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त व जिला डीसीपी गूगल के जरिए दिल्ली के ट्रैफिक पर 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं। जहां जाम लगता है वहां सर्किल ट्रैफिक इंस्पेक्टर को तुरंत भेजा जाता है और जाम को खुलवाया जाता है। कहीं जाम लगता है तो इसके लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर को जिम्मेदार ठहराया जाता है। इतना ही नहीं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ट्रकों को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दे रही है।
दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) आलोक कुमार ने बताया कि राजधानी में जहां भी जाम होता या फिर लंबा जाम लगता है तो उससे भी प्रदूषण फैलता है। ऐसे में कोशिश ये की जा रही है कि कहीं लंबा जाम न लगे। इस पर गूगल के जरिए 24 घंटे नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक पुलिस ने व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है। इसमें सभी ट्रैफिक सर्किल इंस्पेक्टर को जोड़ा गया है। जिस सर्किल में ट्रैफिक जाम होता है, गूगल से तुरंत पता लग जाता है और ट्रैफिक इंस्पेक्टर को जाम खुलवाने की हिदायतें दे दी जाती हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि जब से दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा है तब से निगरानी 24 घंटे कर दी गई है। गूगल की खासियत ये भी है जहां जाम लग रहा है उसके आस-पास के मार्गों का भी ट्रैफिक पता लग जाता है। ऐसे में खाली मार्गों की तरफ ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया जाता है।
ट्रैफिक पुलिस ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान भी चलाया हुआ है। 15 से लेकर 29 अक्तूबर तक 1454 वाहनों का चालान किया गया है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आ रहे ट्रकों को बॉर्डर से ही वापस भेजा रहा है। पिछले 15 दिनों में 858 ट्रकों को वापस भेजा गया है। दस वर्ष पुराने डीजल वाहनों व 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों पर भी नजर रखी जा ही है। पिछले 15 दिन में ऐसे 58 वाहनों को जब्त किया गया है और 14 हजार से ज्यादा वाहनों को चैक किया गया है।