सरकार ने अरावली की पहाड़ी को वन संरक्षित क्षेत्र घोषित किया हुआ है। ऐसे में यहां निर्माण और खनन कार्य प्रतिबंधित है। यही नहीं पेड़-पौधों की कटाई करना भी गैरकानूनी है। इसके बावजूद यहां दर्जनों अवैध फॉर्म हाउसों का निर्माण हो गया है।
किसके संरक्षण में इनका निर्माण हुआ यह सवाल मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते ने नगर निगम से पूछा है। नगर निगम अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बात का जवाब मांगा है कि जब अवैध निर्माण हो रहा था उस दौरान इस क्षेत्र में कौन-कौन से अधिकारी तैनात थे। ऐसे अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
ज्ञात हो कि नगर निगम ने पिछले महीने सूरजकुंड रोड पर बने अवैध फॉर्म हाउसों की तोड़फोड़ की थी। निगम सूत्रों का कहना है कि उस क्षेत्र में काफी समय से सहायक अभियंता अशोक रावत, कनिष्ठ अभियंता सुरेंद्र हुड्डा और डीके सोलंकी तैनात रहे हैं।
निगम ने इन अधिकारियों की सूची भी सीएम फ्लाइंग स्क्वायड को भेजी है। माना जा रहा है कि उक्त अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए लापरवाही बरतने के कारण कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी वीर सिंह ने माना कि मामले की जांच की जा रही है।