केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसी भी कानून में ‘लाभ के पद’ को परिभाषित नहीं किया गया है। दिल्ली सरकार में संसदीय सचिव के पद धारण करने के चलते संभावित अयोग्यता का सामना कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के 21 विधायकों के मामले में केंद्र सकार का यह बयान सामने आया है।
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संसदीय सचिव के रूप में काम करने वाले विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए उठाए गए कदम राज्य का विषय है और केंद्र सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘संसद (अयोग्यता का निवारण) अधिनियम-1959 में मंत्रियों के संसदीय सचिव पद का प्रावधान नहीं है।