दूसरी ओर दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलौत की ओर से अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने कहा कि ऐेसे मामलों की सुनवाई सिंगल जज भी कर सकता है।
ऐेसे मामलों का आठ सप्ताह के भीतर निपटारा करना अनिवार्य है। सिंगल जज के समक्ष सुनवाई नहीं होने से याची का अपील का अधिकार खत्म हो जाता है।
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत व अन्य पूर्व विधायकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार व अधिवक्ता प्रशांत पटेल को 24 जनवरी को नोटिस जारी किया था।
हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने और प्रभावित विधायकों का पक्ष सुने जाने के लिए पूर्व विधायक अलका लांबा, राजेश ऋषि, कैलाश गहलोत, सरिता सिंह, नितिन त्यागी समेत आप के आठ विधायकों ने तीन याचिकाएं दायर की हैं।