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लाभ का पद : तो इस वजह से मंगलवार को खंडपीठ करेगी AAP के 'पूर्व' विधायकों की याचिक पर सुनवाई

Tue, 30 Jan 2018 10:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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delhi high court
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हाईकोर्ट के सिंगल जज ने आप के आठ पूर्व विधायकों की याचिकाओं को सुनवाई के लिए खंडपीठ के समक्ष भेज दिया है। हालांकि कोर्ट ने इन 20 सीटों पर मध्यावधि चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी करने पर रोक को फिलहाल जारी रखा है।

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इन याचिकाओं पर मंगलवार को दो जजों की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई होगी। मामला आप के 20 विधायकों को चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किये जाने से जुड़ा है।

जस्टिस विभू बाखरू ने पेश मामले में प्रतिवादी अधिवक्ता प्रशांत पटेल की आपत्ति के मद्देनजर संबंधित याचिकाओं को सुनवाई के लिए खंडपीठ के समक्ष भेज दिया है।

पटेल के वकील मीत मल्होत्रा व मुदित गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अयोग्य ठहराए जाने संबंधी याचिकाओं की सुनवाई कम से कम दो जजों की पीठ के समक्ष ही हो सकती है। इसलिए वह इन याचिकाओं पर सुनवाई न करें।

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'ऐेसे मामलों की सुनवाई सिंगल जज भी कर सकता है'

AAP - फोटो : SELF
दूसरी ओर दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलौत की ओर से अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने कहा कि ऐेसे मामलों की सुनवाई सिंगल जज भी कर सकता है।

ऐेसे मामलों का आठ सप्ताह के भीतर निपटारा करना अनिवार्य है। सिंगल जज के समक्ष सुनवाई नहीं होने से याची का अपील का अधिकार खत्म हो जाता है।

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत व अन्य पूर्व विधायकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार व अधिवक्ता प्रशांत पटेल को 24 जनवरी को नोटिस जारी किया था।

हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने और प्रभावित विधायकों का पक्ष सुने जाने के लिए पूर्व विधायक अलका लांबा, राजेश ऋषि, कैलाश गहलोत, सरिता सिंह, नितिन त्यागी समेत आप के आठ विधायकों ने तीन याचिकाएं दायर की हैं। 
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