नए वर्ष के दूसरे दिन भी दिल्ली समेत एनसीआर के प्रमुख शहर गंभीर प्रदूषण की चपेट में रहे। हवा में खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 भी आपात स्तर पर पहुंच गए हैं। यह स्थिति 48 घंटे लगातार रहती है तो दिल्ली-एनसीआर में सम-विषम भी लागू हो सकता है। ऐसी प्रदूषित हवा में सुबह और शाम टहलने की मनाही के साथ श्रमसाध्य कार्य भी न करने की नसीहत दी गई है। एनसीआर में बुधवार को गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रिकार्ड किया गया है।
केंद्रीय एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक हवा की गति ऐसी नहीं है, जो प्रदूषण कणों को बिखेर सके। बुधवार को सतह पर हवा की गति 3.1 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई। जबकि 4 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति वाली हवा प्रदूषण कणों को बिखेरने में सक्षम है। सतह से 800 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद रहने वाली मिक्सिंग हाईट (ऐसी लेयर जहां सभी कण मिलते हैं) भी सतह से बेहद करीब आ गई है। सुबह का कोहरा और शाम की धुंध भी प्रदूषण को बढ़ाने वाली ही है।
शहरों का एक्यूआई
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 430,
फरीदाबाद का एक्यूआई 411,
गाजियाबाद का एक्यूआई 455,
ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 438,
गुरुग्राम का एक्यूआई 458,
नोएडा का एक्यूआई 412 रिकॉर्ड किया गया।
301 से 400 का एक्यूआई बहुत खराब और 401 से 500 की श्रेणी गंभीर प्रदूषण श्रेणी को दर्शाता