देश में जातीय आरक्षण गलत नहीं है। पिछड़े वर्ग के लोगों को आगे लाने के लिए इसकी जरूरत है। इन्हें तब तक इसका लाभ मिलना चाहिए, जब तक वह समाज के अन्य वर्गों के बराबर नहीं पहुंच जाते।
यह कहना है शक्ति खंड-3 स्थित आम्रपाली ग्रांड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नव चैतन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए भारतीय नीति प्रतिष्ठान के निदेशक और दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राकेश सिन्हा का। रविवार को हुए इस कार्यक्रम में करीब एक हजार स्वयं सेवकों ने भाग लिया।
प्रो. राकेश सिन्हा ने युवा स्वयंसेवकों के कई प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि हमारे देश में पिछड़े वर्ग के लोगों पर हमेशा से अत्याचार हुआ है।
उन्हें आरक्षण का लाभ तब तक मिलना चाहिए, जब तक उनका सशक्तीकरण न हो जाए। आरक्षण होते हुए भी बाकी लोगों पर इसका कोई प्रभाव नहीं हो।
उन्होंने कहा कि संघ ने समाज की कुरीतियों और जातिवाद को समाप्त करने का कार्य किया है। लेकिन देश के कुछ राष्ट्रविरोधी समूह हमेशा दलित बनाम गैर दलित जैसे मुद्दों को उठाकर राष्ट्र को कमजोर कर रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध बांसुरी वादक पं सुन्दरलाल गंधर्व, मृदंग वादक सुभाशीष पाठक एवं युवा चित्रकार श्री कान्त जोशी ने संयुक्त प्रस्तुति द्वारा समां बांध दिया।
अंतरराष्ट्रीय वक्ता धीरज चौहान ने कहा की संघ एक बहुत अच्छी मैनेजमेंट की कार्यशाला है, जिसका उपयोग युवा अपने करियर निर्माण के क्षेत्र में कर सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्र प्रचारक आलोक कुमार ने युवकों से कहा कि संघ को समझने के लिए संघ में आना और संघ को अपने अंदर उतारना आवश्यक है।