दिल्ली सरकार राजधानी के सभी स्कूली बच्चों को शपथ दिलाने जा रही है कि वह लड़कियों के साथ गलत व्यवहार नहीं करेंगे। वहीं, लड़कियों से कहा जाएगा कि वह घर में अपने भाइयों से जाकर इस बारे में बात करें। लड़कियों को इस पर अपनी कक्षा में रिपोर्ट देनी होगी। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को फिक्की लेडीज ऑरगेनाइजेशन (फिक्की एफएलओ) की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में दी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए हमें अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। असली बदलाव तभी होगा जब मां-बहनें अपने बेटों-भाइयों से बात करें। अगर वह बाहर कुछ गलत काम करते हैं तो समाज तो उनका बहिष्कार करेगा ही, उससे पहले वह उनका बहिष्कार कर देंगी।
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से बात की है। दिल्ली के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छात्रों को शपथ दिलाई जाएगी कि वह बच्चियों के साथ गलत व्यवहार नहीं करेंगे। साथ ही लड़कियों को अपने घर में भाइयों से महिला सुरक्षा पर बात करनी पड़ेगी। इसकी एक रिपोर्ट उनको अपने क्लास रूम में देनी होगी।
केजरीवाल ने बताया कि आज सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों में भरोसा जगा है। वहां पढ़ने वाली बच्चियां देश की भावी प्रधानमंत्री, दिल्ली की भावी मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने आगाह किया कि औरतों को मदद की नहीं, मौके की जरूरत है। मौका देने पर वह चौका लगाएंगी। आने वाला समय पुरूष प्रधान नहीं, महिला प्रधान होने जा रहा है।
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यही पुलिस, इसके जवान उसी तरह महिला सुरक्षा दे सकते हैं, जैसे 49 दिन की सरकार में दिल्ली भ्रष्टाचार मुक्त हो गई थी, दिल्ली के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से टक्कर ले रहे हैं, सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जरूरत सिर्फ नीयत की है। पुलिस वालों को सिर्फ मैसेज देना है कि महिला सुरक्षा के मामले में कोई राजनीति नहीं चलेगी। अरविंद केजरीवाल ने कार्यक्रम में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, बसों में 13000 मार्शल की तैनाती, तीन लाख सीसीटीवी व दो लाख स्ट्रीट लाइट लगाने से जुड़े प्रोजेक्ट को भी गिनाया। साथ ही वायदा किया कि दिल्ली सरकार महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने स्तर पर हर संभव कदम उठाएगी।