निजी स्कूल दाखिला सौ अंकों के प्वाइंट सिस्टम पर करेंगे। इसके लिए तैयार किए गए मानकों को उन्हें स्कूल की वेबसाइट, नोटिस बोर्ड व निदेशालय की वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा। स्कूल को निर्देशित दिया गया है कि वह लॉटरी में पूरी पारदर्शिता बरतते हुए इसे अभिभावकों की उपस्थिति में ही निकाले। लॉटरी निकालने की सूचना अभिभावकों को दो दिन पहले देनी होगी। स्कूल लॉटरी की वीडियोग्राफी करेंगे और बॉक्स में पर्चियों को डालने से पहले अभिभावकों को दिखाया जाएगा।
भाई-बहन, दूरी, पूर्व छात्र, एकल कन्या जैसे मानकों को रख सकते हैं
स्कूल दाखिले के लिए खुद से मानक तय करेंगे। सौ अंकों के प्वाइंट सिस्टम में स्कूल भाई-बहन, दूरी, पूर्व छात्र, एकल अभिभावक, एकल कन्या जैसे मानकों को शामिल कर सकते हैं। स्कूलों को ऐसे मानक तय करने होंगे, जो कि पारदर्शी, स्पष्ट, तर्कसंगत, अच्छी तरह से परिभाषित, भेदभाव रहित हों। हाईकोर्ट के आदेश पर पहले से हटाए गए मानकों को स्कूल दाखिला मानकों में शामिल नहीं रख सकते हैं। हर बार की तरह दाखिला सौ अंकों के सिस्टम के आधार पर होगा और स्कूल इन मानकों को अपने अनुसार अंक दे सकेंगे।