कई मान्यता प्राप्त निजी स्कूल प्रबंधकों का आरोप है कि अवैध वसूली के लिए विभाग की ओर से नोटिस भेजे जाते हैं। हर बार प्रशासन की तरफ से स्कूलों को नोटिस आते हैं, मोटी रकम लेने के बाद स्कूल फिर से शुरू हो जाते हैं। इसी वजह से संख्या बढ़ती जा रही है। सिर्फ बिसरख क्षेत्र में ही 310 अवैध स्कूल चल रहे है। वहीं जिले में इनकी संख्या कई गुना ज्यादा है।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूल पर लगाया था 1 लाख का जुर्माना
सेक्टर-63 छिजारसी के अभिभावक संजय कुमार ने बताया कि उनके बच्चे सेक्टर में ही एक स्कूल में पढ़ते थे। उन्होंने बताया कि दूसरे स्कूल में बच्चे का दाखिला कराना था। इसलिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था। लेकिन स्कूल के पास मान्यता नहीं थी। दाखिले के दौरान इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। ट्रांसफर सर्टिफिकेट मांगने पर स्कूल आनाकानी कर रहा था। इस पर मुख्यमंत्री को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। जांच के बाद स्कूल पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया था।
खुद भी कर सकते हैं मान्यता की जांच
अगर आप किसी स्कूल में बच्चे का दाखिला कराने जा रहे हैं तो जरूरी है कि उसकी मान्यता की जांच कर लें। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में जाकर स्कूल की मान्यता की जांच कर सकते हैं।