झज्जर स्थित गुढा निवासी जयंती श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में करीब पिछले एक साल से नर्स के पद पर कार्यरत थी। अस्पताल के हॉस्टल के कमरा नंबर 21 में रहती थी। गुरुवार की शाम को घर से अस्पताल हॉस्टल में आई थी। रात को अन्य नर्स ने उसको कमरे में ही खाना लाकर दिया। जिसके बाद जयंती कमरे में सो गई। उसके बाद सुबह दूसरी नर्स ने ड्यूटी पर जाने से पहले उसके कमरे के दरवाजे को काफी बजाया लेकिन उसने खोला नहीं, जिसके चलते अन्य नर्स ड्यूटी को चली गई।
दोपहर को दो बजे वापस हॉस्टल आई तो दोबारा से दरवाजा खुलवाने के लिए काफी खटखटाया लेकिन गेट नहीं खुला। जिसके बाद दरवाजे को तोड़कर अंदर गए तो देखा कि जयंती ने शौचालय में चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। आत्महत्या करने से पहले जयंती ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उसने कहा कि उनके बच्चों व मां बाप का ध्यान रखा जाए।
उसके पास सब कुछ है लेकिन फिर भी वह अकेली है। इसलिए वह अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही है। उसके शव का पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया जाए। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। थाना प्रभारी सुरेंद्र का कहना हैं कि परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों की शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।