हाल ही में सीएम ने किया था सुविधाओं का लोकार्पण
नगीना। जिला नागरिक अस्पताल मंडीखेड़ा में प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर उजागर हो गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा इस अस्पताल में नई सुविधाओं का बड़े जोर-शोर से लोकार्पण किया गया था, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाएं चरमराती दिख रही हैं। अस्पताल में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीज गोविंद दूबे और मोनू, जाकिर पिनगवां, शेर मोहम्मद हवननगर इत्यादि ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे अपने बच्चों का इलाज कराने आए थे। लेकिन अस्पताल परिसर में बिजली न होने के कारण चारों तरफ गर्मी से बुरा हाल था। पंखे और अन्य उपकरण बंद रहने से वॉर्डों में भर्ती मरीजों और ओपीडी में अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों का बुरा हाल हो गया। तीमारदार हाथों के पंखों से बच्चों को हवा झलते नजर आए। इस पूरे मामले पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नसीम अहमद ने कहा कि मौसम खराब होने की वजह से कभी-कभी तकनीकी खामी आ जाती है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होती है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर व्यवस्था में कहीं कोई बड़ी लापरवाही या समस्या सामने आती है, तो उसकी गहनता से जांच की जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। लोकार्पण के तुरंत बाद सामने आई इस तरह की अव्यवस्था ने अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।