कंझावला में 22 साल पहले बहन से छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए युवक की हत्या का मामला
-रोहिणी जिले की संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को दबोचा, कई अन्यों की तलाश, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो, एक आई-10 कार और दो मोबाइल किए बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कंझावला इलाके में 22 साल पहले बहन के साथ हुई छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए 16 जुलाई 2026 को दीपक डबास हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला कि 16 जुलाई से पहले 2 जुलाई और फरवरी में आरोपियों ने दीपक पर जानलेवा हमला किया था, लेकिन दोनों ही बार वह बच गया था। तीसरी बार में आखिर आरोपियों ने दीपक डबास को स्कॉर्पियो से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी पवन उर्फ जगपाल डबास (45), सागर उर्फ कालिया (30), अतुल उर्फ मोंटी (30), सेक्टर-23, सोनीपत, हरियाणा निवासी साहिल (24) और प्रिंस उर्फ टिल्ली (24) समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कई अन्य आरोपियों की पुलिस को तलाश है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो, आई-10 कार और दो फोन बरामद किए हैं। जांच में जगपाल ने बताया कि बहन के साथ छेड़छाड़ करने के अलावा दीपक उसके साथ गाली-गलौज करता था। करीब 22 साल पहले बहन से छेड़छाड़ के विरोध पर दीपक ने उसके भाई की पिटाई भी की थी। वहीं मामले में दूसरे मुख्य आरोपी सागर के पिता की भी दीपक से पुरानी रंजिश थी। सागर के पिता की मौत हो चुकी है, लेकिन सागर दीपक से पिता का बदला लेना चाहता था। पिछले करीब एक-डेढ़ साल से सागर और जगपाल मिलकर दीपक की हत्या की योजना बना रहे थे। जगपाल के भांजे साहिल ने साजिश रचने और सबूत मिटाने में अपने मामा जगपाल की मदद की।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि 16 जुलाई को दीपक डबास की हत्या के बाद पुलिस ने अगले दिन 17 जुलाई को सागर को दबोचा। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए वारदात में अपना हाथ होने की बात की। दूसरे आरोपियों को उसने बचाने की खूब कोशिश की, लेकिन पुलिस की जांच में सारा राज खुल गया। जांच में पता चला योजना के तहत सबसे पहले इसी साल फरवरी में जगपाल और सागर ने मिलकर दीपक पर गोली चलाकर हमला करवाया था। सागर का भाई अपने दो अन्य साथियों के साथ दीपक के घर पहुंचा। वहां उसने कई राउंड गोलियां चलाकर दीपक को मारने का प्रयास किया, लेकिन दीपक उस समय बच गया। दूसरी बार 2 जुलाई को सागर ने आई-10 कार से दीपक और उसके बेटे को कुचलने का प्रयास किया। वारदात के दौरान दीपक व उसका बेटा जख्मी हो गए। सागर मौके से फरार हो गया। बाद में उसने अपनी आई-10 कार दोस्त अतुल उर्फ मोंटी के घर खड़ी की। पुलिस ने मामले में अतुल को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साहिल को 22 जुलाई को गिरफ्तार किया। स्कॉर्पियो कार उपलब्ध करवाने के मामले में 26 जुलाई को प्रिंस उर्फ टिल्ली को गिरफ्तार किया। सबसे अंत में 12 अगस्त को जगपाल को कावंड़ कैंप, माजरा डबास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को सागर के भाई समेत कई अन्य आरोपियों की तलाश है।