दिल्ली विश्वविद्यालय में वीर सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोतने और जूतों की माला पहनाने पर एनएसयूआई दिल्ली अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा को जान से मारने की धमकियां मिलने लगी हैं।
अक्षय ने इस संबंध में एबीवीपी और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए नई दिल्ली जिला डीसीपी ऑफिस में शिकायत दी है। अक्षय ने 11 फोन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि इनसे उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं। अक्षय ने कहा उन्हें कुछ होता है तो एबीवीपी सदस्य इसके जिम्मेदार होंगे। उधर, इन आरोपों पर एबीवीपी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।
चूंकि डूसू चुनाव को लेकर छात्र संगठनों की तैयारी शुरू हो गई है, ऐसे में दोनों संगठनों में एक-दूसरे को घेरने के लिए आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एबीवीपी ने जूतों की माला पहनाने और कालिख पोतने को वीर सावरकर का अपमान बताया है। इसे घृणित करार देते हुए कहा कि राजनीतिक हितों के लिए इस तरह का कृत्य कांग्रेस की स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सोच को दर्शाता है।
एबीवीपी का कहना है कि एनएसयूआई की इस सोच और कृत्य को छात्रों के बीच लेकर जाएंगे। प्रशासन से मूर्ति का अपमान करने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
प्रतिमा को ढकने की तैयारी
सूत्र बताते हैं कि प्रशासन प्रतिमा हटाने की बजाए फिलहाल उसे पर्दे से ढकने की तैयारी कर रहा है। प्रतिमा स्थापित करने के लिए राजस्थान से एक कारीगर आया था। जिस कारीगर ने उसे स्थापित किया था उसे ही बुलाकर प्रतिमा हटवाने पर भी विचार हो रहा है, जिससे कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त न हो।
दरअसल आशंका है कि हटाते समय प्रतिमा क्षतिग्रस्त होती है तो विवाद बढ़ सकता है। प्रशासन ऐसी स्थिति से बचना चाहता है। इस मामले में चुप्पी के कारण प्रशासन की पहले ही बहुत किरकिरी हो चुकी है।