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‘उत्कृष्ठ संस्थान’ की कश्ती पर सवार एनएसयूआई ने गिनाई एबीवीपी की कमियां, घोषणा पत्र की मुख्य बातें

Mon, 27 Aug 2018 09:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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एनएसयूआई ने घोषणा पत्र जारी किया - फोटो : अमर उजाला
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एनएसयूआई केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की उत्कृष्ट संस्थान योजना के सहारे डूसू चुनाव को फतह करने का सपना देख रही है। सोमवार को जारी अपने घोषणा पत्र में एनएसयूआई ने इस योजना को प्रमुखता से शामिल किया है। 
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इसके अलावा संगठन ने अपनी एक साल की उपलब्धियों व एबीवीपी की कमियों का भी घोषणा पत्र में बखान किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर एनएसयूआई ने अपनी घोषणा पत्र जारी कर दी। 

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी छह उत्कृष्ट संस्थानों की घोषणा की है, इनमें से तीन सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान हैं। डीयू ने भी इसके लिए आवेदन किया था लेकिन वह बाहर हो गया। 
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हम डीयू को यह दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने पर सरकार संस्थान को एक हजार करोड़ रुपये देगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्च शिक्षा के फंड की कटौती की है। 

ऐसे में डीयू के लिए यह दर्जा संजीवनी साबित होगी। इस चुनाव के लिए एनएसयूआई ने हम हैं बेहतर भारत की आवाज का नारा भी बुलंद किया है। फिरोज ने कहा कि चुनाव जीतने पर हमारा प्रयास होगा कि कैंटीन में रियायती दरों पर खाना उपलब्ध हों।

प्रशासन पर कैंटीन बनवाने के लिए भी दबाव बनाया जाएगा, जिससे छात्रों को 10 रुपये में खाना उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि जब संसद, विधानसभा, एम्स, में खाना सस्था मिल सकता है तो डीयू जो कि एक सेंट्रल विश्विद्यालय हैं, यहां सस्ता खाना क्यों नहीं मिल सकता। डीयू में गरीब और ग्रामीण परिवेश से लोग आते हैं।  

घोषणा पत्र की मुख्य बातें 

. सभी कॉलेजों में फीस कम करवाई जाएगी
. डीयू में खाली भूमि पर छात्रावास का निर्माण। 
. मेट्रो व डीटीसी बसों में रियायती बस पास 
.  मुफ्त लैपटॉप वितरण कराने का प्रयास 
. छात्र अधिकार आयोग केगठन के लिए संघर्ष 
. खिलाड़ी छात्रों के लिए आहार दर में वृद्धि 
. लिखने-पढ़ने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री 

22 लाख के बजाए महज 22 रुपये चाय पर खर्च 
एनएसयूआई ने अपनी उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि हमने एक साल में महज 22 रुपये चाय पर खर्च किया है। जबकि वर्ष 2016-17 में एबीवीपी ने डूसू में 22 लाख रुपये खर्च किए थे। वहीं, एनएसयूआई ने वर्ष 2017-18 में महज 22 रुपये खर्च किए है। छात्रों के बजट को छात्रों पर ही खर्च किया गया। 2020 तक मेट्रो का किराया नहीं बढ़ने देने का आश्वासन लेने का दावा भी एनएसयूआई ने किया। 
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महिलाओं के लिए मेंटर की भूमिका में होगी शीला दीक्षित 

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित डूसू चुनाव के दौरान मेंटर की भूमिका में नजर आएंगी। एनएसयूआई ने युवा महिलाओं को लुभाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस कार्यक्रम के जरिए 100 युवा महिला नेताओं की पहचान की जाएगी।

इन युवा महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण और सलाह कांग्रेस, मीडिया, कानून के शीर्ष नेताओं द्वारा प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इस कार्यक्रम का निर्देशक पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा किया जाएगा। 
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