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हनी ट्रैप में फंसकर हुए थे 7 करोड़ की धोखाधड़ी के शिकार, NRI ने खोले ये राज

Thu, 08 Jun 2017 09:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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हनी ट्रैप में फंसकर सात करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का शिकार होने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी होटल कारोबारी ने बुधवार को नोएडा पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने अमेरिका के जॉर्जिया से फोन कर एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह को धोखाधड़ी की जानकारी दी।
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एसपी सिटी ने उनसे आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए लिखित शिकायत देने को कहा है। कारोबारी ने एसपी सिटी को बताया कि उनका वकील लिखित शिकायत देगा। एसपी सिटी के अनुसार कारोबारी के वकील ने भी फोन पर संपर्क किया था, लेकिन अब तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलते ही पीड़ित की एफआईआर दर्ज करा, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

पीड़ित कारोबारी यूएस के नागरिक हैं और जॉर्जिया में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी मां नोएडा के सेक्टर-26 में रहती हैं। फरवरी-2017 में पीड़ित के एक जानकार ने उन्हें ग्रेटर नोएडा स्थित अपने रीयल एस्टेट के कारोबार में सात करोड़ रुपये निवेश करा 25 फीसदी की हिस्सेदारी देने के नाम पर फंसाया। जानकार ने सात करोड़ रुपये निवेश करा कारोबारी को कंपनी में निदेशक बना दिया। कंपनी में कारोबारी के दोस्त समेत तीन पार्टनर पहले से थे।
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10 फरवरी को कारोबारी अपने जानकार के रीयल एस्टेट कार्यालय में गया। यहां कंपनी के अन्य निदेशकों ने उनकी मुलाकात एक युवती से कराई। युवती और कारोबारी ने एक-दूसरे का नंबर लिया और फिर फोन पर बात करनी शुरू कर दी। साजिश के तहत युवती ने उनसे नजदीकियां बढ़ाने लगी। आरोप है कि 13 फरवरी को युवती ने कारोबारी को न्यू अशोक नगर दिल्ली स्थित अपने फ्लैट पर डिनर के लिए बुलाया था।  
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युवती ने ऐसे बिछाया था हनी ट्रैप का जाल

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युवती ने कारोबारी को बताया था कि उसके पिता सीआरपीएफ में अधिकारी हैं। अगले दिन युवती ने कारोबारी को वैलेंनटाइन डे मनाने के लिए सेक्टर-18 बुलाया। कुछ समय के लिए युवती कारोबारी के साथ अपने ही फ्लैट में लिव इन रिलेशनशिप में भी रही।

आरोप है कि युवती ने कारोबारी को पूरी तरह से अपने जाल में फंसाने के बाद ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। युवती कारोबारी से 41 लाख रुपये की मांग कर रही थी। उसने कारोबारी को धमकी दी कि अगर उसने 41 लाख रुपये नहीं दिए तो वह उन्हें बदनाम कर देगी। साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करेगी।

हनी ट्रैप में बुरी तरह से फंस चुके एनआरआई को जब पूरी साजिश समझ में आई तो उन्होंने मदद के लिए मुख्यमंत्री से ट्वीटर पर शिकायत की। मुख्यमंत्री को ट्वीट करने केबाद मामला प्रकाश में आया। 
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