नगर निगम हो या शिक्षा विभाग, यूनिवर्सिटी हो या फिर बोर्ड अब सभी विभागों के आवेदन पत्रों में आधार और मोबाइल नंबर लिखना जरूरी होगा। राज्य के मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर नगर निगम, बिजली, शिक्षा विभाग, बोर्ड, यूनिवर्सिटी व अन्य विभागों के प्रमुखों से कहा है कि वे अपने विभाग के हर आवेदन पत्र में आधार कार्ड व मोबाइल नंबर का कॉलम बनाएं। इन दोनों कॉलम को भरना अनिवार्य होगा। उनका दावा है कि इस नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े से निजात मिलेगी।
वोटर कार्ड, पेंशन से लेकर बैंक अकाउंट और ईपीएफ तक को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार ने हर व्यक्ति को सरकारी लाभ देने के लिए आधार कार्ड को अब अनिवार्य कर दिया है। बगैर आधार नंबर के कोई भी सरकारी विभाग किसी प्रकार का लाभ देने को तैयार नहीं है।
राज्य के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी विभागों के मुखिया और जिला उपायुक्त को पत्र भेजा है, जिसमें आवेदन पत्रों में आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का अलग से कॉलम जोड़ने को कहा गया है।
अब जल्द ही नगर निगम के पानी कनेक्शन, पेंशन, हाउस टैक्स फॉर्म, बिजली कनेक्शन, स्वास्थ्य विभाग के एडमिट फॉर्म, स्कूलों के प्रवेश फॉर्म, पुलिस सत्यापन फॉर्म, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड के फार्म सहित अन्य सभी आवेदन पत्र पर आधार कार्ड व मोबाइल नंबर का कॉलम जुड़ा हुआ नजर आएगा। राज्य सरकार का कहना है कि इससे अगर किसी भी विभाग की कोई योजना आधार कार्ड से जुड़ती है तो लोगों को सीधे ही उस योजना का लाभ मिल पाएगा।
कोर्ट सख्त कार्रवाई की दे चुका है चेतावनी
आधार कार्ड की अनिवार्यता के एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च को सरकारी अधिकारियों को चेताया था कि किसी भी सरकारी सुविधा या फायदे के लिए नागरिकों पर आधार कार्ड का दबाव न डाला जाए। अदालत ने कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी ऐसा करता है तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि वह सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करें कि वे 23 सितंबर 2013 के अंतरिम आदेश का पालन करें। इसके बावजूद प्रदेश सरकार लोगों को आधार नंबर देने पर बाध्य कर रही है।