स्टांप शुल्क की वापसी के लिए इलाहाबाद का चक्कर लगाने से जल्द राहत मिल जाएगी। स्थानीय दफ्तर से ही रिफंड मिल सकेगा। दरअसल, संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए मैनुअल के बजाय ई स्टांप जारी हो रहा है।
स्टाक होल्डिंग कार्पोरेशन इसे जारी करता है। संपत्ति खरीदार स्टाक होल्डिंग कार्पोरेशन के दफ्तर में जाकर काउंटर पर संपत्ति की लिखित जानकारी देता है और वहां बैठा कर्मचारी विवरण भरकर उतनी कीमत का ई स्टांप जारी कर देता है।
अगर विवरण देने में संपत्ति के खरीदार की तरफ से कोई गलती हो जाती है और उसे वापस करने की नौबत आ जाती है तो स्टांप में अंकित कुल कीमत का 10 फीसदी कटौती कर खरीदार को वापस मिल जाता है, लेकिन यह 90 फीसदी स्टांप वापस पाने के लिए खरीदार को काफी पापड़ बेलने पड़ते हैं। एआईजी कार्यालय से संस्तुति लेनी पड़ती है।
ई स्टांपिंग का मुख्यालय इलाहाबाद में है, इसलिए खरीदार को इलाहाबाद का भी चक्कर लगाना पड़ जाता है। इस प्रक्रिया में छह माह तक लग जाते हैं।
नोएडा में हर महीने 8 से 10 मामले रिफंड के आते हैं। अगर खरीदार को रजिस्ट्री कराने की जल्दी हो तो भी उसे इंतजार करना पड़ता है। कुछ दिन बैठक में प्रमुख सचिव और आईजी स्टांप ने एआईजी कार्यालय से स्टांप वापसी की अनुमति दी है। इस बाबत शासनादेश जारी होना है। अगले माह व्यवस्था लागू होने के आसार हैं।