दिल्ली में आम आदमी पार्टी के आंदोलन के बाद से यूपी में लोगों ने सस्ती बिजली मिलने का सपना देखना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में बिजली दरों में कमी ने यूपी सरकार को और दबाव में ला दिया है।
ऐसे में यहां रिटायर्ड विद्युत अफसर सस्ती बिजली देने का फार्मूला तैयार करने में जुट गए हैं। इनका दावा है कि यदि उनके फार्मूले पर गौर किया जाए तो घरेलू उपभोक्ताओं को दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिल सकती है।
यूपी में विद्युत दर चार रुपये यूनिट है, लेकिन खपत के आधार पर ज्यादातर उपभोक्ता छह रुपये की दर से पेमेंट कर रहे हैं। पावर कारपोरेशन कर्मचारी-अधिकारी संघ के राष्ट्रीय महासचिव शैलेंद्र दूबे ने दरों को आधा करने का दावा किया है।
उनके अनुसार कारपोरेशन से रिटायर्ड चीफ इंजीनियरों ने सस्ती बिजली देने का फार्मूला तैयार किया है, जिससे दरों को आधा करने के बावजूद सरकार को नुकसान नहीं होगा।
दूबे ने बताया कि कमीशन खोरी, खरीद में फिजूलखर्ची और चोरी नियंत्रित कर बिजली सस्ती करने में मदद मिलेगी। कारपोरेशन एसोसिएशन रीजनल प्रवक्ता वीके अग्रवाल ने बताया कि सरकार के पास बिजली दर कम करने की इच्छाशक्ति का अभाव है।