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एनजीटी की रोक के बाद अब नोएडा के सेक्टर-123 में कूड़ा डालने की तैयारी

Thu, 31 May 2018 09:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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फाइल फोटो
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एनजीटी ने सेक्टर-54 में कूड़ा डालने पर रोक लगा दी है। 10 दिन में वहां से पूरा कूड़ा हटाने का भी आदेश दिया है। इसी को देखते हुए अब प्राधिकरण सेक्टर-123 में कूड़ा डालने की तैयारी में लग गया है। इस बात के संकेत प्राधिकरण के अधिकारियों की ओर से मिले हैं।
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दरअसल, कूड़े पर शहर में काफी दिन से बवाल चल रहा है। पहले सेक्टर-137 में कूड़ा डाला जा रहा था। वहां एनजीटी की ओर से रोक लगाने के बाद सेक्टर-54 में कूड़ा डंप किया जाने लगा। बीच में यहां लगी रोकथाम के बाद सेक्टर-68 में कूड़ा डाला गया, लेकिन वहां केवल 10 दिन के लिए कूड़ा डाला गया। 

इसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सेक्टर-54 में एक बार फिर प्राधिकरण ने कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। इसी बीच कुछ लोग एनजीटी चले गए और वहां से सेक्टर-54 में कूड़ा नहीं डालने का आदेश ले आए।
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इसके बाद प्राधिकरण के पास अब फिलहाल कोई विकल्प नहीं बचा है। अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर-123 में प्राधिकरण की अपनी जमीन है, जहां लैंडफिल साइट बननी है। साथ ही वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भी बनाया जाना है, लेकिन अब कूड़े को कहीं न कहीं तो डालना ही होगा। लिहाजा सेक्टर-123 के अलावा कोई और स्थान नहीं दिख रहा है।
 
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सेक्टर-123 ही एकमात्र विकल्प होने की बात से इनकार भी नहीं किया

डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा डालकर वापस आती कूड़ा गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
इस बाबत जब एसीईओ राकेश कुमार मिश्र से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी एनजीटी का ऑर्डर नहीं पढ़ा है। ऑर्डर आने के बाद ही तय होगा कि कहां कूड़ा डाला जाएगा। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर सेक्टर-123 में कूड़ा डालने की बात नहीं कही, लेकिन आखिरी तौर पर सेक्टर-123 ही एकमात्र विकल्प होने की बात से इनकार भी नहीं किया।

आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी : सुखवीर
डंपिंग ग्राउंड संघर्ष समिति के मुखिया सुखवीर पहलवान ने कहा कि किसी भी कीमत पर सेक्टर-123 को डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने दिया जाएगा। यहां कूड़ा घर बनने से आसपास के 20 गांव, सेक्टर-122, 121 और 119 समेत कई सोसायटी व ग्रेनो वेस्ट के लिए नरक हो जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण ने एनजीटी में झूठ बोला कि उनका प्रोजेक्ट सेक्टर-123 में है। यह नहीं बताया कि यह स्थान हिंडन नदी से एकदम सटा है। साथ ही एफएनजी के किनारे है। यहां आसपास लाखों लोग रह रहे हैं। अगर प्राधिकरण ने यहां कूड़ा डाला तो इस बार आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। 
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डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा डालकर वापस आती कूड़ा गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
वीडियोग्राफी कराई गई : रघुराज
किसान नेता रघुराज सिंह ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से सेक्टर-54 में डंपिंग ग्राउंड का लोगों ने डटकर विरोध किया और एनजीटी ने रोक लगा दी। बुधवार को भी प्राधिकरण ने वहां कूड़ा डाला, यह तो एनजीटी के आदेश का उल्लंघन है। इसकी वीडियोग्राफी कराई गई है और इसे कोर्ट में दिया जाएगा। कोर्ट ने वहां से कूड़ा हटाने को कहा है, न कि डालने।

सेक्टरों में कूड़ा निस्तारण से खत्म हो सकती है समस्या : एसीईओ
एसीईओ राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण ने एक बहुत ही अच्छी योजना आरडब्ल्यूए को सुझाई है, जिसमें कंपोस्टर मशीन लेकर कूड़े का निस्तारण किया जा सकता है। इसके बाद कंपोस्ट खाद का उपयोग दूसरे कामों में किया जा सकता है।

इससे कूड़े को डंप करने की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है, लेकिन अभी भी केवल पांच से छह आरडब्ल्यूए ही इस योजना को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी ले रहे हैं। अगर सभी आरडब्ल्यूए इसे अपना लें तो इससे शहर को भी फायदा होगा।
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