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एसीबी पर छिड़ी नजीब और केजरीवाल के बीच जंग

Wed, 03 Jun 2015 11:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में बिहार के पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति का विवाद सरकार और उपराज्यपाल के बीच शुरू हो गया है।
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उपराज्यपाल कार्यालय ने इसे अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण बताया है तो दिल्ली सरकार का कहना है कि नियुक्ति का अधिकार सरकार और एसीबी को है। दिल्ली सरकार ने एसीबी में बिहार पुलिस के एक डीएसपी समेत आधा दर्जन अधिकारी नियुक्त किए हैं।

उपराज्यपाल कार्यालय ने दिल्ली के बाहर के पुलिस अधिकारियों की एसीबी में नियुक्ति को अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण बताया है तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने साफ किया है कि ये अधिकार सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को है।
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इस बीच मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल से मुलाकात भी की है। यह साफ नहीं किया कि मुलाकात में इस मुद्दे पर क्या बातचीत हुई, लेकिन उपराज्यपाल कार्यालय से जारी बयान के कुछ देर बाद मुलाकात को पूरे मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। मीटिंग करीब 10 मिनट की रही।

रणनीति के तहत बाहर से बुलाए अधिकारी !

उपराज्यपाल कार्यालय ने मंगलवार सुबह जारी बयान में साफ किया है कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा एक थाना होने के कारण उपराज्यपाल के नियंत्रण एवं निगरानी में काम करता है।

यह बात गृह मंत्रालय ने 21 मई को अधिसूचना जारी करके साफ भी किया है। राजनिवास से जारी बयान के अनुसार दिल्ली पुलिस के बाहर के लोगों की एसीबी में डेपुटेशन पर नियुक्ति का कोई प्रस्ताव उपराज्यपाल कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है।

जब उपराज्यपाल को सतर्कता विभाग की तरफ से दिल्ली के बाहर से पुलिस अधिकारी डेपुटेशन पर लाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा, तब जांच कराई जाएगी। वहीं मामला यह भी उठाया जा रहा है कि इंस्पेक्टर स्तर से ऊपर के दिल्ली से बाहर के अधिकारी की नियुक्ति तो किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए।

सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को दिल्ली पुलिस समेत केंद्रीय अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई में मजबूती देने के लिए दिल्ली पुलिस के बाहर से अधिकारी लगाए गए हैं। अभी तक एसीबी में दिल्ली पुलिस के अधिकारी ही लगाए जाते रहे हैं।
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किसे है नियुक्ति का अधिकार ?

बताते हैं कि गत दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार दिल्ली सचिवालय में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के लिए आए थे। तभी बिहार पुलिस के अधिकारी की मांग रखी गई थी।

सूत्रों के अनुसार एसीबी में नियुक्ति के मामले में केंद्र सरकार उपराज्यपाल के साथ खड़ी है। यही वजह है कि राजनिवास ने बयान जारी करके स्थिति स्पष्ट की है। दूसरी तरफ मामला कोर्ट में चल रहा है और अधिसूचना पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्टे या रोक नहीं लगाई है, इसलिए नियमानुसार अधिसूचना मान्य है।

सरकार को नियुक्ति का है अधिकार-
'दिल्ली सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के पास पुलिस अधिकारियों की एसीबी में नियुक्ति का अधिकार है।'
-मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री।

उपराज्यपाल की स्वीकृति से नियुक्ति होनी चाहिए-
'उपराज्यपाल की राय लेकर ही एसीबी में दिल्ली के बाहर के अधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए। क्योंकि यह मामला पुलिस से जुड़ा है जो उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है। अगर ऐसा नहीं किया गया है तो कानून तोड़ने जैसा है।'
-सैलजा चंद्रा, पूर्व मुख्यसचिव दिल्ली।
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