हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर आंदोलन और तेज हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा मेरठ का न्यायिक क्षेत्राधिकार खत्म किए जाने से आक्रोशित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
वहीं अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया है कि वे जल्द ही चीफ जस्टिस ऑफ सुप्रीम कोर्ट, यूपी बार कौंसिल, बार कौंसिल ऑफ इंडिया और दिल्ली की सभी बारों से मिलकर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के स्थानांतरण की मांग करेंगे। वकीलों ने कहा है कि अब हफ्ते में दो दिन भी कोर्ट नहीं खुलेगी।
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर करीब ढाई माह से चली आ रही हड़ताल के कारण हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने मेरठ जिले के न्यायिक क्षेत्राधिकार को खत्म कर उसे मुरादाबाद स्थानांतरित कर दिया है।
इस निर्णय के खिलाफ शनिवार को पउप्र की केंद्रीय सघंर्ष समिति की एक आपातकालीन बैठक मेरठ बार एसोसिएशन के पं नानकचंद सभागार में हुई।
बैठक में गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर आदि तहसीलों के बार पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सभी अधिवक्ताओं ने चीफ जस्टिस के निर्णय को इलाहाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की साजिश करार दिया।
अब इस आंदोलन में इलाहाबाद को छोड़कर पूरे प्रदेश को जोड़ा जाएगा। लगभग पांच घंटे चली बैठक के निर्णय लिया गया कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के निर्णय के विरोध में पउप्र के अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे।
12 जनवरी को अधिवक्ता मुरादाबाद जाकर हाईकोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में वहां भी आंदोलन शुरू करने का प्रयास करेंगे।